Rajasthan News: लाडो प्रोत्साहन योजना में 6.50 लाख से अधिक बालिकाओं को मिला लाभ, तकनीकी दिक्कतों को दूर करने के निर्देश
Rajasthan News: लाडो प्रोत्साहन योजना में 6.50 लाख से अधिक बालिकाओं को मिला लाभ, तकनीकी दिक्कतों को दूर करने के निर्देश
छोटा अखबार।
राजस्थान सरकार की प्रमुख फ्लैगशिप योजनाओं में शामिल 'लाडो प्रोत्साहन योजना' के प्रभावी क्रियान्वयन और प्रगति को लेकर गुरुवार को शासन सचिवालय में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। प्रारंभिक शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश कुमार यादव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में योजना के सुचारू संचालन और पात्र बालिकाओं को समयबद्ध तरीके से लाभ पहुंचाने पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक के दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव ने कहा कि लाडो प्रोत्साहन योजना प्रदेश की बालिकाओं की शिक्षा और उनके सशक्तिकरण की दिशा में राज्य सरकार की एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील पहल है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि योजना के क्रियान्वयन में आ रही किसी भी प्रकार की तकनीकी बाधाओं का त्वरित समाधान किया जाए, ताकि सभी पात्र बालिकाओं को पूरी पारदर्शिता के साथ और बिना किसी देरी के लाभ मिल सके।
6.50 लाख से अधिक बालिकाएं लाभान्वित—
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 1 अगस्त 2024 को योजना की शुरुआत से लेकर अब तक प्रदेश की 6.50 लाख से अधिक बालिकाओं को लाभान्वित किया जा चुका है। राज्य सरकार इस योजना के तहत पात्र बालिकाओं को 1.50 लाख रुपये का संकल्प पत्र प्रदान करती है। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार ने इसमें बड़ा बदलाव करते हुए 'दो से अधिक संतान' संबंधी बाध्यता को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। इसके साथ ही अब सरकारी स्कूलों के साथ-साथ मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में अध्ययनरत बालिकाओं को भी इस योजना के दायरे में शामिल कर लाभ दिया जा रहा है।
करोड़ों रुपये के विपत्रों का भुगतान जारी—
वित्तीय वर्ष 2026-27 की वित्तीय प्रगति की समीक्षा करते हुए बताया गया कि अब तक 4,531.96 लाख रुपये के विपत्र (विल्स) कोषालय (ट्रेजरी) को भेजे जा चुके हैं। इनमें से 2,509.48 लाख रुपये के विपत्रों का ईसीएस (इलेक्ट्रॉनिक क्लियरिंग सर्विस) के माध्यम से सफल भुगतान हो चुका है, जबकि शेष 2,022.48 लाख रुपये के विपत्र अभी ईसीएस की प्रक्रिया में हैं। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में 2,56,808 बालिकाओं को योजना की तीसरी किस्त का लाभ दिया जा चुका है और अन्य लंबित आवेदनों के भुगतान की प्रक्रिया को निरंतर तेज गति से पूरा किया जा रहा है।इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में प्रारंभिक शिक्षा विभाग के निदेशक सीताराम जाट सहित संबंधित विभागों के कई वरिष्ठ अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञ मौजूद रहे।

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