RAJasthan NEWS:खेती-किसानी में तकनीक का नया अध्याय,कृषि विभाग और 'वाधवानी एआई' के मध्य समझौता
RAJasthan NEWS:खेती-किसानी में तकनीक का नया अध्याय,कृषि विभाग और 'वाधवानी एआई' के मध्य समझौता
छोटा अखबार।
राजस्थान के कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीक से जोड़कर किसानों की आय बढ़ाने और वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने की दिशा में सोमवार को एक ऐतिहासिक शुरुआत हुई। पंत कृषि भवन के कॉन्फ्रेंस हॉल में कृषि विभाग, राजस्थान सरकार और देश के प्रतिष्ठित नॉट-फॉर-प्रोफिट संस्थान 'लॉर्ड्स एजुकेशन एंड हेल्थ सोसाइटी' (LEHS - वाधवानी एआई फाउंडेशन) के बीच एक महत्वपूर्ण गैर-वित्तीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।
इस अवसर पर कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप राज्य सरकार कृषि क्षेत्र में बड़े नवाचार कर रही है। राजस्थान 'एग्री-स्टैक' के तहत देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है। प्रदेश ने निर्धारित लक्ष्य का 95 प्रतिशत पूरा करते हुए लगभग 95 लाख किसानों की डिजिटल 'फार्मर आईडी' तैयार कर ली है।
यह फार्मर आईडी केवल एक नंबर नहीं है, बल्कि इसमें किसान के खसरा नंबर, भूमि विवरण और आधार नंबर सहित सभी महत्वपूर्ण क्रेडेंशियल्स दर्ज हैं। इस डिजिटल डेटाबेस के माध्यम से आगामी फसल बीमा और एकीकृत उर्वरक प्रबंधन प्रणाली के तहत यूरिया वितरण जैसी व्यवस्थाओं को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाएगा, जिससे खादों और योजनाओं के दुरुपयोग पर पूरी तरह रोक लगेगी।
इस साझेदारी के तहत वाधवानी एआई फाउंडेशन राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित समाधान विकसित करेगा। यह तकनीक किसानों को फसलों में लगने वाले कीटों और बीमारियों की अग्रिम चेतावनी देगी, जिससे वे समय रहते अपनी फसल बचा सकेंगे। आधुनिक तकनीक के इस समन्वय से न केवल कृषि कार्यों की लागत में कमी आएगी, बल्कि किसानों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी। यह समझौता राजस्थान के कृषि परिदृश्य को पूरी तरह डिजिटल और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।

Comments