Rajasthan News: प्रदेश में सरकार का खजाना खाली, ठेकेदारों के करोड़ों रुपए बाकी, काम बंद —अशोक गहलोत
Rajasthan News: प्रदेश में सरकार का खजाना खाली, ठेकेदारों के करोड़ों रुपए बाकी, काम बंद —अशोक गहलोत
छोटा अखबार।
ये आप कहो पूरा कॉलेप्स हो गया है। इनके पास पूरा खजाना खाली है , दो साल ढाई साल होने आए इनको। ऐसी स्थिति बनी किसी विभाग में चले जाओ आप, सब ठेकेदारों का काम बंद है। उनके करोड़ों रुपए के पेमेंट नहीं हो रहे हैं,और तो और जो दवाएं वाले, दवा दुकानों के उनके पेमेंट बाकी हैं। कल मेरे पास कॉपरेटिव सहकारी दवाएं दुकान होती थी न वो आए कि हमारे दुकानों को बंद कर रहे हैं जनऔषधि केंद्र के नाम से।
तो शिकायतें कई तरह की हैं, जितनी स्कीमें चल रहे हैं स्वास्थ्य की, शिक्षा की उन सब में पेमेंट नहीं हो रहा। बच्चों की स्कॉलरशिप नहीं मिल पा रही है। पेमेंट सब रुके पड़े हैं, सरकार कोई जवाब नहीं दे रही है, मुख्यमंत्री खाली घूमने में लगे हैं पूरे राजस्थान के अंदर। दिल्ली में है या राजस्थान के अंदर। खूब घूमो आप भले ही पर काम तो कोई करो पीछे। स्थिति पूरे राजस्थान में कानून व्यवस्था की स्थिति बर्बाद हो चुकी है। एक तो ज्वेलर था भरतपुर में, गोली मार दी,खुद का जिला है वो, और बाकी जगह आप देखते हो रोज़ रेप की घटनाएं हो रही हैं बच्चियों पर, रेप के बाद में मार देते हैं बच्चियों को, अभी NEET का जो पेपर आउट हुआ अब उसमें आत्महत्या कर ली बच्चे ने, इनके पास कोई जवाब नहीं है और चले आ रहे हैं, चले आ रहे हैं, बोले जा रहे हैं।
तो कहने का मतलब यह है कि आज जो कोटा की घटना मामूली नहीं थी। पूरी जांच होनी चाहिए थी। एक्शन थोड़ा बहुत किया बाद में दबाव पड़ा तो, तीन चार प्रसूताएं मर गई थी, तीन चार महिलाओं का मरना किसे कहते हैं? आई थी बच्चा पैदा करने के लिए बेचारी, प्रसव के लिए आई थी और वो खुद ही मर गई। ये बड़ी मार्मिक घटना है ये। अभी मैं जा रहा हूँ कोटा, राजस्थान भर में सड़कें खुदी पड़ी हैं , गड्ढे हैं। वहां पे डाला पड़ा हुआ था, बेचारा एक प्रिंसिपल था, 35 साल की नौकरी थी उसकी, सेवा थी शिक्षा विभाग में। रिटायरमेंट की पार्टी करी और घर जा रहा था। मर गया, क्या बीती होगी परिवार पर ? संवेदनहीन सरकार है ये। ये सरकार आजादी के बाद में सबसे ज्यादा संवेदनहीन सरकार के रूप में आई है , इनको न तो पता है , न जानकारी है। कोई बात नहीं नए मुख्यमंत्री बनते हैं मैं भी नया बना था, मैंने बनाया था। मुझे चार चार मेहमान है तो मैंने उनको समझाया था मुझसे मिलने आए तब देखिए भाई मुझे लोग कहते थे चार छह महीने का मेहमान है तो देखिए मैंने तीन टर्म पूरे कर लिए हैं।
आपको एक मौका मिला पार्टी से, आप गरीबों की सेवा करो। गरीब को गणेश मान के काम करो। जैसे भैरोंसिंह जी बोलते थे कि गरीब को गणेश मान के काम करो, आप भी वो काम करो। छत्तीस कौम को साथ लेकर चलो। आपको मौका मिला है। आपकी ग्रूमिंग हो जाएगी, मैं महामंत्री था बीजेपी का, मुझे तमाम कार्यकर्ता जानते हैं। अच्छी बात है। कम से कम उन्होंने कहा कि मैं राजस्थान भर में कार्यकर्ता हूं मेरी पहचान है, कोई दिक्कत नहीं आएगी। मैं बहुत खुश हुआ। तो कार्यकर्ता बेचारे अब तो मिल नहीं पा रहे हैं, उनकी अलग शिकायत है,नेताओं को अलग शिकायत है, विधायक को अलग शिकायत है। मंत्रियों की अलग शिकायत है, शिकायत किसकी नहीं है ? जो मोदी जी का डर है इसलिए बोलने की हिम्मत ना दिल्ली में कोई कर रहा है ना राजस्थान में कोई कर रहा है।
बाकी तो आप देख लीजिए जो घटिया क्वालिटी के नैपकिन बंटे हैं महिलाओं के लिए और महिलाओं को सुप्रीम कोर्ट से पहले हमने तो बाँट दिए पहले नैपकिन राजस्थान के अंदर। अभी सुप्रीम कोर्ट का फैसला हुआ है, तमाम शिक्षण संस्था जो है प्राइवेट हो, एडेड हो या सरकारी हो, सब में नैपकिन बांटना आवश्यक कर दिया। मैं तो उनसे मांग करूंगा पूरे देश की महिलाओं के लिए आप सरकार की ड्यूटी लगाओ कि सरकार के खर्चे पे कम से कम महिलाओं को नैपकिन मिले जो उसके जो है प्राइवेट पार्ट में लगता है। अगर बेचारी वो तो वो तो कुदरत के देन है जो उनके जो पीरियड आते हैं वो भगवान की देन है तो उनकी महिलाओं की रक्षा कौन कर सकता है? वो बेचारी गरीब महिला है जो कपड़ा यूज करती हैं उसे इंफेक्शन फैलता है, बच्चे पैदा होने बंद हो जाते हैं। इंफेक्शन अलग होता है, कैंसर हो जाते हैं, अब ये मार्मिक बात सुप्रीम कोर्ट ने पकड़ी है, मुझे बड़ी खुशी हुई।
आज चार छह महीना हो गए होंगे। आज वापस अखबार में आया उनका फैसला और पूरा मॉनिटरिंग वो खुद कर रहे हैं। स्थिति देश में ये आ गई है कि बजाय सरकारें मॉनिटरिंग करें ,ये प्रशासनिक काम है, उसकी मॉनिटरिंग सुप्रीम कोर्ट कर रहा है। ये सरकारों के हालात हैं। किसको कहें? हिंदू हिंदू करके बर्बाद कर हैं देश को।

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