C M NEWS: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वर्तमान सदी में एक नया कोड-एक नई भाषा लिख रहा है —मुख्यमंत्री
C M NEWS: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वर्तमान सदी में एक नया कोड-एक नई भाषा लिख रहा है —मुख्यमंत्री
छोटा अखबार।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वर्तमान सदी में मानवता के लिए एक नया कोड-एक नई भाषा लिख रहा है। उन्होंने एआई को प्रदेश की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण घटक बताते हुए कहा कि इसके विवेकपूर्ण उपयोग से सरकार ई-गवर्नेंस और डिजिटल समावेशन को और अधिक व्यापक एवं जन केन्द्रित बना रही है। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को जयपुर के जेईसीसी में आयोजित राजस्थान रीजनल एआई इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस 2026 के उद्घाटन सत्र को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि एआई स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि सहित अनेक क्षेत्रों में परिवर्तन लाकर लोगों के जीवन को बेहतर बना रहा है और विकसित भारत और विकसित राजस्थान के लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने उद्यमियों, निवेशकों और युवाओं को एआई के उभरते क्षेत्र में सहभागी बनने के लिए राजस्थान में आमंत्रित भी किया। उन्होंने कहा कि देश एआई के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहा है। एआई केवल एक तकनीक नहीं, बल्कि 21वीं सदी में राष्ट्रीय शक्ति और समृद्धि का आधार है। एआई देश की नीति, अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और सामाजिक संरचना को बेहतर स्वरूप दे रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में तकनीक और स्टार्टअप के सशक्त इकोसिस्टम के निर्माण के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है। राज्य सरकार द्वारा लाई गई एआई-एमएल पॉलिसी से एआई सिस्टम अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और निजता-संरक्षण के प्रति जवाबदेह बनेंगे। इस नीति से सार्वजनिक सेवा वितरण अधिक त्वरित, नागरिक-केंद्रित और पारदर्शी होगा और प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि एआई से जुड़े साइबर अपराधों की रिपोर्टिंग और समाधान की प्रक्रिया सरल की जाएगी, प्रदेश में एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित होगा व स्कूलों, आईटीआई, पॉलिटेक्निक और कॉलेजों में एआई शिक्षा को प्रोत्साहन दिया जाएगा। उद्योग, स्टार्टअप और रिसर्च संस्थानों को भी विशेष प्रोत्साहन प्रदान किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर नेशनल एआई लिटरेसी प्रोग्राम, राजस्थान एआई-एमएल पॉलिसी 2026, आई स्टार्ट एलएमएस, राजस्थान एवीजीसी-एक्सआर पोर्टल, राजस्थान एआई पोर्टल को लॉन्च किया। इस दौरान राज्य सरकार द्वारा गूगल, आईआईटी दिल्ली, राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय जोधपुर के साथ योजना भवन में हुए विभिन्न द्विपक्षीय एमओयू का होलोग्राफिक तकनीक के माध्यम से जीवंत प्रसारण भी किया गया। उल्लेखनीय है कि जी-20 में भी इसी तकनीक का उपयोग किया गया था।

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