News: मोबाइल यूजर्स को लग सकता है झटका! 15% तक बढ़ सकता है आपका मोबाइल बिल
News: मोबाइल यूजर्स को लग सकता है झटका! 15% तक बढ़ सकता है आपका मोबाइल बिल
छोटा अखबार।
भारत के करोड़ों मोबाइल यूजर्स को जल्द ही एक और बड़ा झटका लग सकता है। सेंट्रम इंस्टीट्यूशनल रिसर्च की Q1FY27 रिपोर्ट के अनुसार, अगले 3 से 4 महीनों में मोबाइल बिलों (टैरिफ प्लान) में 12 से 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी होने का अनुमान जताया गया है। हालांकि अभी तक किसी टेलीकॉम कंपनी ने इसकी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन ब्रोकरेज फर्म की यह रिपोर्ट आम जनता की जेब पर अतिरिक्त बोझ बढ़ने की ओर साफ इशारा कर रही है।
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| AI Photo |
मोबाइल बिल महंगे होने के मुख्य कारण—
सीमित बाजार और अनुकूल माहौल: भारतीय टेलीकॉम बाजार में अब केवल 3+1 खिलाड़ी (रिलायंस जियो, भारती एयरटेल, वोडाफोन-आइडिया और सरकारी बीएसएनएल) ही बचे हैं। मार्केट समेकन (मार्केट कंसोलिडेशन) के बाद कंपनियों के लिए कीमतें बढ़ाना अधिक अनुकूल हो गया है।
ARPU में सुधार की कोशिश: दूरसंचार कंपनियां अपनी प्रति उपयोगकर्ता औसत राजस्व (Average Revenue Per User - ARPU) को बढ़ाना चाहती हैं। जून तिमाही में इन कंपनियों के ARPU में 1 से 1.5% की मामूली बढ़ोतरी देखी गई है, जिसे वे और बेहतर करना चाहती हैं।
5G इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी खर्च: रिलायंस जियो और एयरटेल जैसी कंपनियों ने देश के 90% से अधिक जिलों में अपना 5G नेटवर्क फैला लिया है। इस नेटवर्क विस्तार, इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड और बढ़ती डेटा मांग के चलते कंपनियों का ऑपरेशनल खर्च काफी बढ़ गया है, जिसकी भरपाई वे टैरिफ बढ़ाकर करना चाहती हैं।
2G से 4G/5G में माइग्रेशन: ग्राहक तेजी से पुराने नेटवर्क छोड़कर हाई-स्पीड 5G और 4G पर शिफ्ट हो रहे हैं, जिससे कंपनियों को प्रीमियम प्लान्स की कीमतें बढ़ाने का मौका मिल रहा है।
यदि यह बढ़ोतरी लागू होती है, तो प्रीपेड और पोस्टपेड दोनों ही तरह के प्लान्स महंगे हो जाएंगे। पिछले कुछ सालों में पहले ही कई बार कीमतें बढ़ चुकी हैं, ऐसे में यह नई बढ़ोतरी मध्यम वर्ग के बजट को और बिगाड़ सकती है।

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