Rajasthan News: अदालत की अवमानना पर राजस्थान हाईकोर्ट सख्त, करौली के तहसीलदार और पटवारी को निलंबित करने के आदेश
Rajasthan News: अदालत की अवमानना पर राजस्थान हाईकोर्ट सख्त, करौली के तहसीलदार और पटवारी को निलंबित करने के आदेश
छोटा अखबार।
राजस्थान हाईकोर्ट ने अदालती आदेशों की लगातार अवहेलना करने और अपने कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही बरतने पर कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने करौली जिले के खेड़ली गांव के तहसीलदार और पटवारी के खिलाफ तत्काल प्रभाव से विभागीय कार्यवाही शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, जांच पूरी होने तक दोनों अधिकारियों को निलंबित रखने का आदेश दिया गया है।
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यह सख्त आदेश एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस मनीष शर्मा की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान दिया। खंडपीठ ने अधिकारियों के गैर-जिम्मेदाराना रवैये पर गहरी नाराजगी व्यक्त की।
मामले के अनुसार, खेड़ली गांव में अतिक्रमण हटाने के लिए हाईकोर्ट पूर्व में कई बार निर्देश जारी कर चुका था। इसके बावजूद स्थानीय प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। सुनवाई के दौरान जब दोनों अधिकारी कोर्ट में पेश हुए, तो उन्होंने खुद स्वीकार किया कि जमीन पर अतिक्रमण मौजूद है। हालांकि, इसे हटाने के बजाय उन्होंने कोर्ट से फिर से सात दिन का अतिरिक्त समय मांग लिया।
अधिकारियों की इस दलील पर हाईकोर्ट ने तल्ख टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि इन अधिकारियों के मन में अदालत के आदेशों के प्रति कोई सम्मान नहीं है। वे अपने वैधानिक दायित्वों का निर्वहन करने में भी पूरी तरह विफल रहे हैं। बार-बार मौका देने के बाद भी कार्रवाई न करना उनकी कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
हाईकोर्ट ने राजस्व सचिव को निर्देशित किया है कि वे इन अधिकारियों के खिलाफ तुरंत अनुशासनात्मक और विभागीय कार्यवाही शुरू करें। इस फैसले से साफ है कि न्यायिक आदेशों की अनदेखी करने वाले प्रशासनिक अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।

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