Rajasthan News: राजस्थान में सरकारी कर्मचारियों के वेतन निर्धारण की होगी दोबारा जांच, गड़बड़ी मिलने पर होगी वसूली
Rajasthan News: राजस्थान में सरकारी कर्मचारियों के वेतन निर्धारण की होगी दोबारा जांच, गड़बड़ी मिलने पर होगी वसूली
छोटा अखबार।
राजस्थान सरकार के वित्त विभाग (नियम अनुभाग) ने राज्य के सभी सेवारत सरकारी कर्मचारियों के समय-समय पर हुए वेतन निर्धारण की दोबारा गहनता से जांच करने के आदेश जारी किए हैं। विशिष्ट शासन सचिव, वित्त (बजट) शिवांगी स्वर्णकार द्वारा जारी इस परिपत्र के अनुसार, कर्मचारियों को पूर्व में दिए गए पुनरीक्षित वेतनमानों, पदोन्नति, चयनित वेतनमान, एसीपी और एमएसीपी के मामलों की सेवा अभिलेखों के आधार पर री-चेकिंग की जाएगी। यह आदेश पिछले दिनों 5 मई 2026 को जारी परिपत्र की निरंतरता में जारी किया गया है।
![]() |
| AI Photo |
जांच के लिए बनेगी संयुक्त टीम—
नए निर्देशों के मुताबिक, हर विभाग और कार्यालय की संस्थापन शाखा को एक तय चेक लिस्ट के आधार पर प्रत्येक कर्मचारी का पूरा विवरण तैयार करना होगा। वेतन निर्धारण की दोबारा जांच के लिए एक संयुक्त जांच दल का गठन किया जाएगा। इस दल में संबंधित कार्यालय के कार्यालयाध्यक्ष, वरिष्ठतम लेखाकर्मी और संस्थापन प्रभारी अधिकारी/कर्मचारी शामिल होंगे।
त्रुटि मिलने पर कारण बताओ नोटिस और रिकवरी—
जांच के बाद यदि किसी कर्मचारी के वेतन निर्धारण में कोई गड़बड़ी या त्रुटि पाई जाती है, तो उसे तुरंत सुधारा जाएगा। इसके साथ ही, संबंधित कर्मचारी को सुनवाई का मौका देने के लिए 'कारण बताओ नोटिस' जारी किया जाएगा। गलत फिक्सेशन के कारण कर्मचारी को अब तक हुए अधिक भुगतान की वसूली की कार्रवाई भी की जाएगी, ताकि भविष्य में अनियमित भुगतान न हो।
सितंबर 2026 के वेतन बिलों में देना होगा प्रमाण पत्र—
जांच दल को पूरी री-चेकिंग के बाद एक संयुक्त प्रमाण पत्र देना होगा। सभी कर्मचारियों के वेतन की जांच पूरी होने का यह प्रमाण पत्र आगामी माह सितम्बर, 2026 के वेतन बिलों में अनिवार्य रूप से अंकित करना होगा। यदि इस जांच और प्रमाण पत्र के बाद भी भविष्य में नियम विरुद्ध गलत भुगतान का कोई मामला सामने आता है, तो जांच दल के अधिकारियों और कर्मचारियों की संयुक्त जिम्मेदारी तय की जाएगी। उनसे न केवल अधिक भुगतान की वसूली होगी, बल्कि उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।


Comments