Jaipur News: जयपुर के ऐतिहासिक गलता तीर्थ का बदलेगा स्वरूप, विकास कार्यों के लिए 50 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति जारी
Jaipur News: जयपुर के ऐतिहासिक गलता तीर्थ का बदलेगा स्वरूप, विकास कार्यों के लिए 50 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति जारी
छोटा अखबार।
राजस्थान की राजधानी जयपुर में स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल गलता तीर्थ के संरक्षण और वहां बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को लेकर एक बड़ा कदम उठाया गया है। सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (MPLADS) के अंतर्गत आदर्श नगर विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों को गति देने के लिए 50 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति जारी कर दी गई है। यह राशि विशेष रूप से गलता तीर्थ के जीर्णोद्धार और मरम्मत कार्यों पर खर्च की जाएगी।
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सांसद मंजू शर्मा की अनुशंसा पर मिली मंजूरी—
मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) प्रतिभा वर्मा ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि जयपुर शहर की सांसद श्रीमती मंजू शर्मा की विशेष अनुशंसा पर इस बजट को मंजूरी दी गई है। आदर्श नगर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पवित्र गलता तीर्थ सरोवर के संरक्षण, सिविल मरम्मत और अन्य आवश्यक विकास कार्यों के लिए यह 50 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। प्रशासनिक स्वीकृति जारी होने के साथ ही अब निर्धारित सरकारी नियमों और तकनीकी मूल्यांकन के अनुरूप आगे की प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है, ताकि धरातल पर विकास कार्य जल्द से जल्द शुरू किए जा सकें।
आमेर विकास एवं प्रबंधन प्राधिकरण कराएगा काम—
इस परियोजना के सफल क्रियान्वयन की जिम्मेदारी पर्यटन विभाग को सौंपी गई है। पर्यटन विभाग के माध्यम से 'आमेर विकास एवं प्रबंधन प्राधिकरण' (ADMA) द्वारा गलता तीर्थ में सभी सिविल मरम्मत और सौंदर्यीकरण के कार्य पूरे करवाए जाएंगे। प्राधिकरण तकनीकी मापदंडों को ध्यान में रखकर गलता पीठ की प्राचीन धरोहर को बिना नुकसान पहुंचाए इसका संरक्षण सुनिश्चित करेगा।श्रद्धालुओं और पर्यटकों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएंपवित्र गलता तीर्थ न केवल स्थानीय निवासियों बल्कि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं की आस्था का एक प्रमुख केंद्र है। अधिकारियों के मुताबिक, इस राशि से होने वाले कार्यों के पूर्ण होने से गलता तीर्थ सरोवर के जल संरक्षण को बल मिलेगा और यहां आने वाले लोगों के लिए बुनियादी सुविधाओं का विकास होगा। परिसर की मरम्मत होने से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को पहले से कहीं अधिक सुरक्षित और सुगम माहौल मिल सकेगा, जिससे स्थानीय धार्मिक पर्यटन को भी काफी बढ़ावा मिलेगा।

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