Kota News: "भारत का एजुकेशन सिस्टम पैसे लेने का सिस्टम, सलेक्शन कम रिजेक्शन ज्यादा" —राहुल गांधी
Kota News: "भारत का एजुकेशन सिस्टम पैसे लेने का सिस्टम, सलेक्शन कम रिजेक्शन ज्यादा" —राहुल गांधी
छोटा अखबार।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने देश की शिक्षा व्यवस्था पर कड़ा प्रहार करते हुए इसे "पैसे लेने और जेब खाली करने का सिस्टम" करार दिया है। री-नीट परीक्षा (Re-NEET) से ठीक चार दिन पहले, बुधवार देर शाम कोटा के दशहरा मैदान स्थित श्रीराम रंगमंच पर 'छात्रों की गूंज' महा रैली आयोजित की गई, जहां उन्होंने तीन हजार से अधिक छात्र-छात्राओं को संबोधित किया।
राहुल गांधी के संबोधन के 4 प्रमुख मुद्दे इस प्रकार रहे—
एजुकेशन सिस्टम (शिक्षा व्यवस्था): राहुल गांधी ने कहा कि हमारा एजुकेशन सिस्टम युवाओं का चयन करने के बजाय उन्हें बाहर निकालने का एक "रिजेक्शन मैकेनिज्म" बन चुका है। नीट, जेईई और यूपीएससी जैसी महज 5 परीक्षाओं की तैयारी में देश के परिवारों की जेब से सालाना ₹3.5 लाख करोड़ निकल जाते हैं, जो भारत के 5 बड़े मंत्रालयों के कुल बजट के बराबर है।
बेरोजगारी (Unemployment): उन्होंने रोजगार के आंकड़ों पर चिंता जताते हुए कहा कि आज देश में सरकारी नौकरियां नाममात्र की रह गई हैं। इस दोषपूर्ण सिस्टम के कारण हर 1,000 युवाओं में से महज 12 युवाओं को ही स्थायी सरकारी नौकरी नसीब हो पा रही है।
स्टूडेंट सुसाइड (छात्र आत्महत्याएं): कोटा में बढ़ते मानसिक तनाव और खुदकुशी के मामलों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था बच्चों की प्रतिभा निखारने के बजाय उन पर अत्यधिक मानसिक दबाव डालती है और उन्हें कुचल देती है। इसके कारण करोड़ों युवाओं को केवल तनाव, अनिश्चितता और अवसाद मिल रहा है।
युवा सपने (Youth Dreams): नेता प्रतिपक्ष ने जोर देकर कहा कि होना यह चाहिए कि युवा बड़ा सपना देखें और देश का एजुकेशन सिस्टम उसे साकार करे। वर्तमान में यह सिस्टम छात्रों को सिर्फ 4-5 सीमित विकल्पों में बांध देता है।

Comments