स्कूल में बनेगें मूल निवास और जाति प्रमाण पत्र

स्कूल में बनेगें मूल निवास और जाति प्रमाण पत्र

 

छोटा अखबार।

प्रदेश में अब मूल निवास और जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए स्कूली विद्यार्थियों को अब परेशान नहीं होना पड़ेगा। बल्कि प्रवेश के समय ही संबंधित स्कूल के शिक्षक स्थानीय तहसीलदार और उप खंड अधिकारी से समन्वय स्थापित कर विद्यार्थी का सर्टिफिकेट बनवाएंगे। माध्यमिक शिक्षा निदेशक आशीष मोदी ने इस संबंध में समस्त सीडीईओ और एडीपीसी समग्र शिक्षा को दिशा निर्देश जारी किए हैं।



श्री मोदी ने अपने आदेश में कहा कि विद्यार्थियों के स्कूल में प्रवेश के समय पर ही मूल निवास और जाति प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने के संबंध में आवेदन की पूर्ति में सहयोग प्रदान किए जाने के लिए स्कूली स्तर पर संस्था प्रधानों को कार्य योजना बनानी होगी। ताकि विद्यार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा ना हो। वही इस काम के लिए स्कूली स्तर पर एक अनुभवी शिक्षक को भी नियुक्त किया जाएगा। जो जाति प्रमाण पत्र और मूल निवास के लिए आवश्यक दस्तावेजों की सूची बनाकर स्कूल के नोटिस बोर्ड पर चस्पा करेगा।


आपको बतादें कि छत्तीसगढ़ प्रदेश में उपरोक्त व्यवस्था 6 मई 2022 से लगू है। इस व्यवस्था के तहत छत्तीसगढ़ में सरकारी और गैर सरकारी स्कूल में कैंप लगाकर शाला में प्रमाण पत्र वितरित किये जाते है। 2022 में छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार थी।


Comments

Popular posts from this blog

देश में 10वीं बोर्ड खत्म, अब बोर्ड केवल 12वीं क्‍लास में

आज शाम 7 बजे व्यापारी करेंगे थाली और घंटी बजाकर सरकार का विरोध

सरकार का सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग फेल, रुपयों में छपवानी पड़ रही है, बजट घोषणा की प्रेस विज्ञप्ती

रीको में 238 पदों की होगी सीधी भर्ती सरकार के आदेश जारी 

मौलिक अधिकार नहीं है प्रमोशन में आरक्षण — सुप्रीम कोर्ट

Chief Minister मुख्यमंत्री के विभाग डीआईपीआर में खेला

10वीं और 12वीं की छात्राओं के लिऐ खुशखबरी, अब नहीं लगेगी फीस