Rajasthan News: प्रदेश में अब एक स्कैन पर मिलेगी मलिाओं को पुलिस सहायता

Rajasthan News: प्रदेश में अब एक स्कैन पर मिलेगी मलिाओं को पुलिस सहायता


छोटा अखबार।

राजस्थान में महिला सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में राज्य सरकार और राजस्थान पुलिस ने एक क्रांतिकारी व तकनीक-आधारित पहल की शुरुआत की है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में प्रदेश की महिलाओं को सुरक्षा का बड़ा उपहार देते हुए सार्वजनिक परिवहन के साधनों में क्यूआर कोड आधारित सुरक्षा तंत्र को लागू किया गया है।

राजस्थान पुलिस की इस अभिनव पहल के तहत अब प्रदेश की बसों, ऑटो-रिक्शा और टैक्सियों में ‘राजकॉप सिटीजन एप’ के विशेष क्यूआर कोड पोस्टर लगाए जा रहे हैं। यदि यात्रा के दौरान किसी महिला या बालिका को असुरक्षा महसूस होती है या कोई आपातकालीन स्थिति उत्पन्न होती है, तो वे अपने मोबाइल से इस क्यूआर कोड को स्कैन कर सीधे पुलिस सहायता प्राप्त कर सकेंगी। स्कैन करते ही पीड़ित की लोकेशन और वाहन की जानकारी तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम तक पहुँच जाएगी, जिससे त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित होगी।

तकनीक से सशक्त होती आधी आबादी—

मुख्यमंत्री के निर्देशन में महानिदेशक पुलिस द्वारा शुरू हुए इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक स्थलों और परिवहन के दौरान महिलाओं के मन से भय को समाप्त करना है। अक्सर देखा गया है कि आपात स्थिति में महिलाएं घबराहट के कारण पुलिस नंबर डायल नहीं कर पातीं या अपनी सटीक लोकेशन बताने में असमर्थ होती हैं। यह क्यूआर कोड तकनीक इस बाधा को दूर करेगी। राजस्थान पुलिस की यह डिजिटल पहल तकनीक के माध्यम से 'सुरक्षित राजस्थान' के संकल्प को सिद्ध करती है।

सार्वजनिक परिवहन में अनिवार्य होंगे पोस्टर—

पुलिस विभाग द्वारा परिवहन विभाग और स्थानीय ऑटो-टैक्सी यूनियनों के साथ समन्वय स्थापित कर हर छोटे-बड़े वाहन में इन पोस्टरों को चस्पा किया जा रहा है। इसके साथ ही वाहन चालकों और यात्रियों को इस सुविधा के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है। ‘राजकॉप सिटीजन एप’ को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है, जो न केवल आपातकालीन बटन बल्कि अन्य कई सुरक्षा फीचर्स से लैस है।

नैतिकता और कर्तव्य बोध का संदेश—

इस पहल के माध्यम से राजस्थान पुलिस ने यह संदेश दिया है कि प्रदेश में महिलाओं का सम्मान और उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार का मानना है कि जब तकनीक और त्वरित पुलिस रिस्पांस एक साथ काम करेंगे, तो अपराधियों में भय व्याप्त होगा और महिलाएं अधिक आत्मविश्वास के साथ घर से बाहर निकल सकेंगी।

यह कदम न केवल महिला सुरक्षा को डिजिटल मजबूती प्रदान करता है, बल्कि सार्वजनिक परिवहन सेवा को भी अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनाता है। पुलिस प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे इस एप का अधिक से अधिक उपयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साझा करें।

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