rajasthan News: राजस्थान में अवैध शराब के खिलाफ 'सर्जिकल स्ट्राइक': 16 मार्च से शुरू होगा प्रदेशव्यापी महाभियान
rajasthan News: राजस्थान में अवैध शराब के खिलाफ 'सर्जिकल स्ट्राइक': 16 मार्च से शुरू होगा प्रदेशव्यापी महाभियान
छोटा अखबार।
राजस्थान में अन्य राज्यों से होने वाली शराब की तस्करी और अवैध बिक्री पर लगाम लगाने के लिए आबकारी विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की तैयारी कर ली है। होली के बाद और आगामी महीनों की चुनौतियों को देखते हुए विभाग ने 16 से 31 मार्च तक पूरे प्रदेश में एक विशेष 'निगरानी एवं धरपकड़' अभियान चलाने का निर्णय लिया है। आबकारी आयुक्त शिवप्रसाद नकाते ने इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर अधिकारियों को 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाने को कहा है।
तस्करी के रूटों पर पैनी नजर—
अभियान का मुख्य फोकस पड़ोसी राज्यों—विशेषकर हरियाणा, पंजाब और मध्य प्रदेश—से होने वाली शराब की तस्करी को रोकना है। आबकारी आयुक्त के आदेशानुसार, प्रदेश के सभी जोन और जिलास्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे उन संभावित मार्गों को चिन्हित करें जहाँ से अवैध शराब का परिवहन होता है। नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे और ग्रामीण लिंक रोड पर स्थित टोल नाकों पर विशेष निगरानी टीमें तैनात की जाएंगी। संदिग्ध वाहनों की सघन तलाशी ली जाएगी ताकि तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त किया जा सके।
होटल, ढाबे और समारोह स्थल रडार पर—
आबकारी विभाग के इस 15 दिवसीय अभियान की खास बात यह है कि इस बार कार्रवाई केवल सड़कों तक सीमित नहीं रहेगी। विभाग की टीमें शहर और कस्बों के उन ठिकानों पर भी धावा बोलेंगी जहाँ बिना लाइसेंस के शराब परोसे जाने की शिकायतें मिलती हैं।
ढाबे और होटल: हाईवे पर स्थित ढाबों और होटलों की औचक जांच की जाएगी। अक्सर यह देखा गया है कि अवैध शराब के भंडारण के लिए ढाबों का उपयोग एक सुरक्षित ठिकाने के रूप में किया जाता है।
मैरिज गार्डन और समारोह स्थल: मार्च के महीने में शादियों और सामाजिक समारोहों की अधिकता रहती है। विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि इन आयोजनों में परोसी जाने वाली शराब वैध हो और उसके लिए आवश्यक परमिट लिया गया हो।
आयुक्त के सख्त निर्देश: लापरवाही पर गिरेगी गाज—
आबकारी आयुक्त शिवप्रसाद नकाते ने साफ किया है कि यदि किसी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध शराब की बिक्री या तस्करी पाई जाती है, तो इसके लिए संबंधित क्षेत्र के आबकारी निरीक्षक और अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पुलिस प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर संयुक्त टीमें बनाएं ताकि छापेमारी के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े।
राजस्व सुरक्षा और जन स्वास्थ्य प्राथमिकता—
इस अभियान के पीछे विभाग के दो मुख्य उद्देश्य हैं। पहला, अवैध शराब की बिक्री से सरकारी राजस्व को होने वाली भारी चपत को रोकना। दूसरा, मिलावटी और जहरीली शराब से होने वाली जनहानि को रोकना। अक्सर अन्य राज्यों से आने वाली सस्ती और मिलावटी शराब लोगों के स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बनती है।
क्या होगी कार्रवाई?—
अभियान के दौरान यदि कोई व्यक्ति या प्रतिष्ठान अवैध शराब की तस्करी, भंडारण या परिवहन में लिप्त पाया जाता है, तो आबकारी अधिनियम के तहत सख्त मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की जाएगी। बिना लाइसेंस शराब बेचने वाले ढाबों और होटलों को सील करने की कार्रवाई भी अमल में लाई जा सकती है। आबकारी विभाग के इस कड़े रुख से शराब माफियाओं में हड़कंप मच गया है। 16 से 31 मार्च तक चलने वाला यह विशेष अभियान राजस्थान में अवैध शराब के कारोबार की कमर तोड़ने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।

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