Rajasthan News: पुरानी रंजिश और पुलिस की कथित लापरवाही से बांसवाड़ा में खूनी संघर्ष के बाद भारी तनाव

Rajasthan News: पुरानी रंजिश और पुलिस की कथित लापरवाही से बांसवाड़ा में खूनी संघर्ष के बाद भारी तनाव


छोटा अखबार।

बांसवाड़ा जिले के मोटागांव थाना क्षेत्र के टामटिया गांव में रविवार की शाम खूनी संघर्ष और आगजनी की ऐसी इबारत लिखी गई, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। कहने को तो यह हिंसा रविवार शाम को भड़की, लेकिन इसकी बुनियाद लंबे समय से सुलग रही आपसी रंजिश थी। इस हिंसा में 25 वर्षीय युवक गोविन्द मईड़ा की बेरहमी से हत्या कर दी गई, जिसके बाद आक्रोशित भीड़ ने आरोपियों के घरों को आग के हवाले कर दिया।

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पुरानी रंजिश और पुलिस की कथित लापरवाही—

ग्राम टामटिया में एक डामर सड़क बस्ती को दो हिस्सों में बांटती है। सड़क के दोनों ओर रहने वाले परिवारों के बीच लंबे समय से छोटी-छोटी बातों पर विवाद चल रहा था। स्थानीय निवासियों के अनुसार, एक महीने पहले भी दोनों पक्ष आमने-सामने आए थे और तब मवेशियों के बाड़े तक जला दिए गए थे। खेत में काम के दौरान मृतक गोविन्द के साथ पहले भी मारपीट हुई थी। परिजनों का गंभीर आरोप है कि उन्होंने मोटागांव थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस ने इसे सामान्य विवाद मानकर टाल दिया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पुलिस समय रहते सख्त कदम उठाती, तो आज गोविन्द जिंदा होता।

शाम 5 बजे से रात 1 बजे तक: मौत और तांडव का घटनाक्रम—

रविवार शाम की शुरुआत खुशियों के साथ हुई थी। शाम 5 बजे गोविन्द ईसरवाला से एक बारात में शामिल होकर घर लौटा था। लेकिन खुशियां मातम में बदलते देर नहीं लगी। शाम 6 बजे के करीब घात लगाए बैठे हमलावरों ने धारदार हथियारों से गोविन्द पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया।

गोविन्द की मौत की खबर फैलते ही गांव में कोहराम मच गया। शाम 7 बजे अंधेरा होते ही आक्रोशित ग्रामीणों ने कानून हाथ में ले लिया और आरोपियों के घरों को फूंकना शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर साढ़े 7 बजे मोटागांव थाना और बस्सीआड़ा चौकी का जाब्ता मौके पर पहुंचा, लेकिन तब तक स्थिति नियंत्रण से बाहर हो चुकी थी। गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस टीम पर ही पथराव शुरू कर दिया, जिससे पुलिस को पीछे हटना पड़ा।

आग की लपटों में गांव, भाग खड़े हुए आरोपी—

पकड़े जाने के डर से आरोपी परिवार गांव छोड़कर फरार हो चुके थे। रात 9 बजे के आस—पास जब आग बुझाने के लिए दो दमकलें पहुंचीं, तो उत्तेजित भीड़ ने उन्हें भी घटनास्थल तक नहीं पहुंचने दिया। रात 11 बजे तक घर धू-धू कर जलते रहे और देखते ही देखते सारा सामान राख हो गया। हालात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी खुद भारी जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे और रात 1 बजे तक घटनास्थल पर डटे रहे।

वर्तमान स्थिति—

फिलहाल गांव में सन्नाटा पसरा है और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है और आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। टामटिया की यह घटना प्रशासन के लिए एक सबक है कि कैसे छोटी रंजिशों को नजर अंदाज करना बड़े अपराध और सामाजिक अशांति का कारण बन सकता है।

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