JDA NEWS: जयपुर में जेडीए की खाली जमीन अब मिलगी किराए पर

JDA NEWS: जयपुर में जेडीए की खाली जमीन अब मिलगी किराए पर 


छोटा अखबार।

गुलाबी नगरी के विकास और शहरी नियोजन को नई दिशा देने के लिए जयपुर विकास प्राधिकरण  ने एक महत्वपूर्ण और अभिनव निर्णय लिया है। जेडीए ने अपनी विभिन्न रिक्त संपत्तियों और भूखंडों को अल्प अवधि के लिए किराए पर देने की नई व्यवस्था लागू कर दी है। प्राधिकरण द्वारा शुक्रवार को इस संबंध में आधिकारिक दरें और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए, जिससे अब शहरवासी और संस्थाएं जेडीए की खाली जमीनों का सुव्यवस्थित उपयोग कर सकेंगी।

सार्वजनिक संपत्तियों का होगा बेहतर सदुपयोग—

इस पहल का मुख्य उद्देश्य शहर में सामाजिक, सांस्कृतिक और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए उपयुक्त स्थान उपलब्ध कराना है। अक्सर शहर में बड़े आयोजनों के लिए खाली जमीन की तलाश एक बड़ी चुनौती होती है, वहीं जेडीए की कई प्राइम लोकेशन वाली संपत्तियां खाली पड़ी रहती थीं। नई नीति से न केवल सार्वजनिक परिसंपत्तियों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा, बल्कि जेडीए के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी।

व्यवसायिक गतिविधियों के लिए खुलेंगे नए द्वार—

जेडीए द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, इन रिक्त भूखंडों का उपयोग व्यापक स्तर पर व्यावसायिक कार्यों के लिए किया जा सकेगा। इसमें निजी कंपनियां और उद्यमी अपने साइट ऑफिस, मेंटेनेंस स्टोरेज, प्रदर्शनी, कार वॉशिंग यूनिट, स्टोन व मार्बल विक्रय केंद्र जैसे प्रतिष्ठान स्थापित कर सकेंगे। इसके अलावा मनोरंजन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए गेम जोन, सर्कस और मेलों के लिए भी ये जमीनें किराए पर उपलब्ध होंगी।

सामाजिक और शैक्षणिक कार्यों को प्राथमिकता—

गैर-व्यवसायिक उपयोग के लिए भी जेडीए ने उदार नीति अपनाई है। शहर के खाली भूखंडों का उपयोग अब सामाजिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों, सामूहिक विवाह सम्मेलनों, और शैक्षणिक संस्थानों के कार्यक्रमों के लिए किया जा सकेगा। साथ ही, सरकारी और अर्द्ध-सरकारी संस्थाओं को अपनी गतिविधियों के संचालन के लिए प्राथमिकता दी जाएगी। यातायात प्रबंधन को सुदृढ़ करने के लिए इन स्थानों पर अस्थायी पार्किंग की अनुमति भी दी जाएगी और पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से नर्सरी विकसित करने के लिए भी स्थान उपलब्ध कराए जाएंगे।

पारदर्शिता और नियमों का पालन अनिवार्य—

जेडीए प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संपत्तियों का आवंटन निर्धारित शर्तों और अल्प अवधि के लिए ही किया जाएगा। इसके लिए आवेदन प्रक्रिया और दरों का निर्धारण जोनवार और स्थान की उपयोगिता के आधार पर किया गया है। प्राधिकरण का मानना है कि इस कदम से शहर के बीचों-बीच बिखरी पड़ी खाली जमीनों पर होने वाले अवैध अतिक्रमणों पर भी लगाम लगेगी।

जेडीए की यह योजना जयपुर के शहरी ढांचे में एक सकारात्मक बदलाव लेकर आएगी। जहाँ एक ओर आम जनता को मांगलिक और सामाजिक कार्यों के लिए किफायती दरों पर जमीन मिलेगी, वहीं दूसरी ओर छोटे और बड़े व्यवसायों को अस्थायी गतिविधियों के लिए सुलभ स्थान प्राप्त होगा। प्राधिकरण की यह पहल 'स्मार्ट सिटी' की अवधारणा को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

Comments

Popular posts from this blog

सरकार का सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग फेल, रुपयों में छपवानी पड़ रही है, बजट घोषणा की प्रेस विज्ञप्ती

देश में 10वीं बोर्ड खत्म, अब बोर्ड केवल 12वीं क्‍लास में

आज शाम 7 बजे व्यापारी करेंगे थाली और घंटी बजाकर सरकार का विरोध

रीको में 238 पदों की होगी सीधी भर्ती सरकार के आदेश जारी 

ग्राम पंचायत स्तर पर युवाओं को मिलेगा रोजगार

फ़ार्मा कंपनियां डॉक्टरों को रिश्वत में लड़कियां उपलब्ध कराती हैं — प्रधानसेवक

मौलिक अधिकार नहीं है प्रमोशन में आरक्षण — सुप्रीम कोर्ट

10वीं और 12वीं की छात्राओं के लिऐ खुशखबरी, अब नहीं लगेगी फीस