NEET UG 2026 News: नीट यूजी 2026 परीक्षा रद्द: सीबीआई संभालेगी जांच की कमान, 7-10 दिनों में नई तारीखों का होगा ऐलान

NEET UG 2026 News: नीट यूजी 2026 परीक्षा रद्द: सीबीआई संभालेगी जांच की कमान, 7-10 दिनों में नई तारीखों का होगा ऐलान

 

छोटा अखबार।

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 को पेपर लीक और कथित अनियमितताओं के गंभीर आरोपों के बाद आधिकारिक तौर पर रद्द कर दिया गया है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने माना है कि कई राज्यों में 'गेस पेपर' के नाम पर मूल प्रश्न पत्र के सवाल परीक्षा से पहले ही सोशल मीडिया और कोचिंग नेटवर्कों पर वायरल हो गए थे। परीक्षा की सुचिता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद यह ऐतिहासिक फैसला लिया गया है। अब इस पूरे मामले की विस्तृत और व्यापक जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंप दी गई है।

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इस फैसले से 3 मई 2026 को परीक्षा में शामिल हुए देश के करीब 22 से 23 लाख छात्र प्रभावित हुए हैं。 हालांकि, एनटीए ने स्पष्ट किया है कि छात्रों को दोबारा परीक्षा के लिए कोई नई फीस नहीं देनी होगी और उनके पुराने परीक्षा केंद्र ही मान्य रहेंगे। आगामी 7 से 10 दिनों के भीतर नई परीक्षा तिथियों (री-एग्जाम शेड्यूल) की घोषणा कर दी जाएगी।

सीकर से शुरू हुई जांच, कई राज्यों तक फैले तारनीट यूजी परीक्षा संपन्न होने के बाद से ही देश के कई हिस्सों से पेपर लीक होने की खबरें आ रही थीं। इस पूरे घोटाले की परतें तब खुलीं जब राजस्थान के सीकर और चूरू से पुलिस की विशेष शाखा (SOG) ने जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि परीक्षा से ठीक पहले कोचिंग सेंटरों और वाट्सएप ग्रुपों पर हाथ से लिखा हुआ एक 'गेस पेपर' प्रसारित किया गया था, जिसमें कुल 410 प्रश्न शामिल थे। राजस्थान पुलिस के एसओजी (SOG) के अनुसार, इस तथाकथित गेस पेपर में से करीब 120 से अधिक प्रश्न (विशेषकर केमिस्ट्री और बायोलॉजी सेक्शन के) मूल प्रश्न पत्र से हूबहू मैच कर रहे थे।

शुरुआती जांच में यह अंदेशा जताया गया है कि पेपर लीक किसी प्रिंटिंग प्रेस के स्तर से हुआ है, जहां से राजस्थान के सीकर से जुड़े एक आरोपी ने इसे केरल और अन्य राज्यों में भेजा। राजस्थान से शुरू हुई इस जांच की आंच अब महाराष्ट्र और बिहार समेत कई राज्यों तक पहुंच चुकी है। महाराष्ट्र के नाशिक में भी पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है, जिससे पूछताछ के लिए राजस्थान पुलिस की टीमें वहां भेजी गई हैं। इस संगठित पेपर लीक रैकेट में अब तक देश भर में 45 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। मामलों की गंभीरता और अंतर-राज्यीय नेटवर्क को देखते हुए केंद्र सरकार ने तुरंत प्रभाव से मामले की कमान सीबीआई को सौंप दी है।

एनटीए महानिदेशक अभिषेक सिंह का आधिकारिक वर्जन: 

"दोषी चाहे अंदर का हो या बाहर का, बख्शा नहीं जाएगा" इस अभूतपूर्व संकट और परीक्षा रद्द होने के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने मीडिया से बात की और एजेंसी की ओर से जिम्मेदारी स्वीकार की। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि छात्रों के भविष्य और देश की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

श्री सिंह ने अपने बयान में कहा कि "हमें 7 मई को केंद्रीय और राज्य जांच एजेंसियों से कुछ गोपनीय इनपुट और प्राथमिक जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई थीं। एनटीए ने बिना समय गंवाए 8 मई की सुबह ही इन्हें स्वतंत्र सत्यापन के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय और संबंधित एजेंसियों को बढ़ा दिया था। जब यह पूरी तरह स्थापित हो गया कि देश के कुछ हिस्सों में 'गेस पेपर' के नाम पर जो सवाल प्रसारित किए गए थे, वे मूल प्रश्न पत्र से काफी हद तक मेल खा रहे हैं, तो हमने तुरंत परीक्षा को रद्द करने का कड़ा फैसला लिया। परीक्षा को जारी रखना उन लाखों ईमानदार छात्रों के साथ धोखा होता जिन्होंने दिन-रात मेहनत की है। परीक्षा को बनाए रखना व्यवस्था पर से छात्रों का भरोसा हमेशा के लिए उठा देता।

 "सीबीआई जांच और आंतरिक सुरक्षा में चूक के सवाल पर महानिदेशक ने स्पष्ट किया: उन्होने कहा "हमने पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की सिफारिश की है। एनटीए जांच एजेंसी को हर प्रकार का डेटा, डिजिटल फुटप्रिंट्स और सामग्री उपलब्ध करा रही है। मैं देश के सभी छात्रों और अभिभावकों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि इस पेपर लीक के पीछे जो कोई भी शामिल है—चाहे वह हमारी संस्था के अंदर का हो या बाहर का कोई बाहरी तत्व—सीबीआई उसकी पहचान करेगी और उसे कानून के तहत सख्त से सख्त सजा दी जाएगी। 

हम इस गड़बड़ी को लेकर जीरो टॉलरेंस (Zero Tolerance) की नीति अपना रहे हैं। "दोबारा परीक्षा के आयोजन और समय-सीमा पर बात करते हुए अभिषेक सिंह ने कहा: "यह स्थिति बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और हमारे लिए असहज करने वाली है, लेकिन निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए यह आवश्यक था। हमारी पूरी टीम अब री-एग्जाम की तैयारी में जुट गई है। अगले 7 से 10 दिनों के भीतर नई परीक्षा का पूरा शेड्यूल घोषित कर दिया जाएगा। हमारा प्रयास रहेगा कि न्यूनतम संभव समय में दोबारा परीक्षा आयोजित कराई जाए, ताकि देश के मेडिकल कॉलेजों का शैक्षणिक सत्र (Academic Calendar) प्रभावित न हो और छात्रों का साल बर्बाद न हो। 

हम छात्रों पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं डालेंगे। उन्हें कोई नई फीस नहीं देनी होगी, न ही दोबारा पंजीकरण की आवश्यकता होगी। पुराने एडमिट कार्ड और केंद्रों के आधार पर ही प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।"देशभर के छात्रों में रोष, राजनीतिक गलियारों में मंचा बवालनीट जैसी उच्च स्तरीय राष्ट्रीय परीक्षा के इस तरह अचानक रद्द होने से देश भर के छात्र और उनके अभिभावक गहरे मानसिक तनाव और आक्रोश में हैं। 

पिछले कई वर्षों से कोटा, सीकर और अन्य शैक्षणिक केंद्रों में रहकर तैयारी करने वाले छात्रों का कहना है कि व्यवस्था की कमियों की सजा हमेशा ईमानदार छात्रों को भुगतनी पड़ती है। इस बीच परीक्षा रद्द होने के बाद देश का राजनीतिक पारा भी चढ़ गया है। विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय को घेरना शुरू कर दिया है। कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI ने दिल्ली के शास्त्री भवन के बाहर ज़ोरदार प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली में सुधार और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। विपक्ष का आरोप है कि बार-बार राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं के पेपर लीक होना देश के युवाओं के भविष्य के साथ एक संगठित अपराध की तरह है।

आगे क्या होगा?— 

छात्रों के लिए मुख्य बिंदुएनटीए द्वारा जारी की गई आधिकारिक गाइडलाइंस और महानिदेशक के बयान के अनुसार छात्रों को निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए: 

नया पंजीकरण नहीं: परीक्षा के लिए छात्रों को किसी भी नए पोर्टल पर जाकर दोबारा फॉर्म भरने या रजिस्ट्रेशन करने की आवश्यकता नहीं है, उनका पुराना डेटा ही मान्य रहेगा।

कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं: दोबारा परीक्षा के आयोजन के लिए छात्रों से एक भी रुपया अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।

परीक्षा केंद्र यथावत: एनटीए के अनुसार, उम्मीदवारों द्वारा पूर्व में चयनित किए गए परीक्षा केंद्र और शहर ही इस री-एग्जाम चक्र के लिए आगे बढ़ाए जाएंगे।

नया एडमिट कार्ड: परीक्षा की नई तिथि घोषित होने के बाद सभी योग्य अभ्यर्थियों के लिए नए सिरे से फ्रेश एडमिट कार्ड जारी किए जाएंगे।

आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा: एनटीए ने अपील की है कि सोशल मीडिया पर चल रही किसी भी अफवाह या फर्जी तारीखों पर विश्वास न करें और केवल आधिकारिक वेबसाइट (neet.nta.nic.in) पर नजर बनाए रखें।

सीबीआई ने मामले में एफआईआर (FIR) दर्ज कर जांच तेज कर दी है। अब देश भर की नजरें सीबीआई की जांच रिपोर्ट और एनटीए द्वारा अगले हफ्ते घोषित होने वाली नई परीक्षा तिथि पर टिकी हुई हैं।

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