C M NEWS: लोक अभियोजक न्याय व्यवस्था की अहम कड़ी, सुलभ और त्वरित न्याय सरकार की प्राथमिकता —मुख्यमंत्री
C M NEWS: लोक अभियोजक न्याय व्यवस्था की अहम कड़ी, सुलभ और त्वरित न्याय सरकार की प्राथमिकता —मुख्यमंत्री
छोटा अखबार।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि लोक अभियोजक न्याय प्रणाली का एक अनिवार्य स्तंभ हैं, जो न केवल न्यायालय में राज्य का पक्ष रखते हैं, बल्कि न्याय और संवैधानिक मूल्यों के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मुख्यमंत्री शनिवार को बिड़ला ऑडिटोरियम में विधि एवं विधिक कार्य विभाग द्वारा आयोजित लोक अभियोजकों और विशेष लोक अभियोजकों की कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।
जनोन्मुखी कानून-व्यवस्था पर जोर—
मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक सुलभ, त्वरित और पारदर्शी न्याय पहुँचाना हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एक संवेदनशील और प्रभावी कानून-व्यवस्था स्थापित करने के लिए सरकार निरंतर ठोस कदम उठा रही है। बदलते न्यायिक परिदृश्य और नए कानूनों के दौर में अधिकारियों का समय-समय पर प्रशिक्षण आवश्यक है ताकि वे नए आपराधिक कानूनों, साइबर अपराधों और दिव्यांगजनों से जुड़े कानूनी प्रावधानों के प्रति अधिक सजग और दक्ष बन सकें।
साइबर अपराधों पर प्रहार की तैयारी—
बढ़ते साइबर अपराधों पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी थानों में 'साइबर हेल्प डेस्क' स्थापित कर दी गई है और वर्ष 2030 तक राज्य के प्रत्येक जिले में पूर्ण विकसित साइबर पुलिस स्टेशन संचालित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, 'डिजिटल अरेस्ट' जैसे आधुनिक अपराधों की रोकथाम के लिए 'राजस्थान साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर' की स्थापना की जा रही है।
एआई (AI) का होगा उपयोग—
तकनीकी सशक्तिकरण की दिशा में कदम बढ़ाते हुए राज्य सरकार साइबर अपराधों के विश्लेषण के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सिस्टम और एक अत्याधुनिक साइबर हेल्पलाइन कॉल सेंटर भी विकसित करेगी। इस कार्यशाला का उद्देश्य लोक अभियोजकों को कानूनी बारीकियों से लैस करना है ताकि वे न्याय प्रक्रिया में और अधिक प्रभावी योगदान दे सकें।

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