C M NEWS: मुख्यमंत्री का भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार, 50 से अधिक प्रकरणों का निस्तारण
C M NEWS: मुख्यमंत्री का भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार, 50 से अधिक प्रकरणों का निस्तारण
छोटा अखबार।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार प्रदेश में संवेदनशील, पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त सुशासन स्थापित करने के लिए 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाने और अनुशासनहीनता रोकने के लिए कड़ा रुख अपनाते हुए अभियोजन स्वीकृति, धारा 17-ए और विभागीय जांच के 50 से अधिक लंबित प्रकरणों का निस्तारण कर ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं।
अधिकारियों पर गिरी गाज—
मुख्यमंत्री ने निजी व्यक्तियों को गैर-कानूनी तरीके से लाभ पहुँचाने के गंभीर आरोपों में घिरे तत्कालीन उपखण्ड अधिकारी सहित सार्वजनिक निर्माण विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के दो अधिकारियों के विरुद्ध अभियोजन स्वीकृति प्रदान की है। यह कदम स्पष्ट करता है कि पद का दुरुपयोग करने वाले किसी भी स्तर के अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।
IPS और राज्य सेवा अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई—
शासन की शुचिता बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री ने एक भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी के विरुद्ध दो प्रकरणों में संघ लोक सेवा आयोग के परामर्श से दंड की मात्रा बढ़ाने का अनुमोदन किया है। इसके अतिरिक्त, राज्य सेवा के 27 अधिकारियों के विरुद्ध संचालित सीसीए नियम-16 के तहत 23 प्रकरणों में बड़ी कार्रवाई की गई है। इन अधिकारियों की दो से चार वेतन वृद्धियां संचयी प्रभाव से रोकने की शास्ति दी गई है।
सेवानिवृत्त कर्मियों पर भी शिकंजा—
भ्रष्टाचार के विरुद्ध यह अभियान केवल वर्तमान कर्मचारियों तक सीमित नहीं है। मुख्यमंत्री ने सेवानिवृत्त अधिकारियों के 5 मामलों में पेंशन रोकने के आदेश दिए हैं। वही 9 अन्य प्रकरणों में जांच निष्कर्षों का अनुमोदन कर फाइलें राज्यपाल को भेजी गई हैं।

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