गैंगस्टर्स की गैंग को खत्म करने के लिए स्पेशल मीटिंग

गैंगस्टर्स की गैंग को खत्म करने के लिए स्पेशल मीटिंग 


छोटा अखबार।

देश में गैंगस्टर के नेटवर्क को पूरी तरह से खत्म करने के राजस्थान पुलिस मुख्यालय में इमरजेंसी मीटिंग बुलाई गई है। सोमवार को सुबह 12.30 बजे मीटिंग शुरू हुई। इस मीटिंग में पांच राज्यों के एडीजी और आईजी क्राइम मौजूद रहे। नॉर्थ इंडिया में पनप रहे ऑर्गेनाइज क्राइम, हथियार तस्करी, मादक पादर्थों की तस्करी करने वाली गैंग पर प्रभावी कार्रवाई करने के लिए दिल्ली, पंजाब, गुजरात और हरियाणा की पुलिस फोर्स एक मंच पर बैठकर गैंग को खत्म करने के लिए प्लान बनाएगी। इस मीटिंग के नोडल अधिकारी एडीजी एसओजी-एटीएस अशोक राठौड़ हैं।

राजस्थान से इस मीटिंग में एडीजी क्राइम दिनेश एमएन,डीआईजी राहुल प्रकाश, जयपुर कमिश्नर आनंद श्रीवास्तव, जयपुर और बीकानेर रेंज के आईजी, सीआईडी क्राइम ब्रांच के ऑफिसर सहित कुछ जिलों के एसपी भी शामिल होंगे।

जानकारी के अनुसार लॉरेंस जैसे 10 से अधिक हार्डकोर गैंगस्टर अपने गुर्गों के माध्य से हर प्रकार का अपराध कर रहे हैं। ये बदमाश राजस्थान में अपराध कर के पास के राज्यों में छिप जाते हैं। ऐसे ही बाहरी राज्यों में अपराध कर के ये लोग राजस्थान आ जाते हैं। अगर सही समय पर इन बदमाशों की जानकारी एक राज्य से दूसरे राज्य को मिले तो इन्हे पकड़ना आसान हो जाएगा।


अपराधियों की एक दूसरे राज्यों की प्रोपर्टी की जानकारी साझा

इस मीटिंग के दौरान सभी राज्य बदमाशों की प्रोपर्टी की जानकारी शेयर करेंगे। अगर राजस्थान के क्रिमिनल की कोई प्रोपर्टी दूसरे राज्य में है तो उसकी जानकारी मिलने पर पुलिस को काफी बड़ी मदद मिलेगा। साथ ही इन बदमाशों के फरारी काटने के ठिकानों पर भी इस मीटिंग के दौरान चर्चा होगी। ये बदमाश हथियारों की सप्लाई कैसे करते हैं इन का कमाया हुआ पैसा कहां खर्च होता हैं। साथ ही इन की प्रोपर्टी का ब्योरा भी पुलिस एक दूसरे राज्य से साझा करने वाली है।


बदमाशों की कुंडली करेंगे एक्सचेंज

जानकारी के अनुसार, इस मीटिंग में शामिल होने वाले सभी राज्यों की पुलिस ने अपने राज्य से टॉप 10 बदमाशों की सूची बना रखी है। इस सूची को मीटिंग में शेयर किया जाएगा। ये वह बदमाश हैं, जिन्होंने प्रदेश पुलिस के अलावा बाहरी राज्यों में भी अपराध का ग्राफ बढा रखा हैं। इस मीटिंग के दौरान बाहरी राज्यों के बदमाशों पर दर्ज केसों के बारे में भी इस मीटिंग में चर्चा की जाएगा। कई बदमाश ऐसे हैं जिन का आपराधिक रिकॉर्ड राजस्थान में ज्यादा होने पर वह पंजाब,हरियाणा जाकर रहने लग जाते हैं।

इससे वहां की पुलिस को उसके पूर्व में किए गए अपराधों की जानकारी नहीं होती। इस लिए इस मीटिंग में बदमाशों के अपराध के रिकॉर्ड भी एक दूसरे राज्य की पुलिस के साथ साझा किए जाने वाले हैं।

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