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JDA NEWS: जयपुर में जेडीए की खाली जमीन अब मिलगी किराए पर

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JDA NEWS: जयपुर में जेडीए की खाली जमीन अब मिलगी किराए पर  छोटा अखबार। गुलाबी नगरी के विकास और शहरी नियोजन को नई दिशा देने के लिए जयपुर विकास प्राधिकरण  ने एक महत्वपूर्ण और अभिनव निर्णय लिया है। जेडीए ने अपनी विभिन्न रिक्त संपत्तियों और भूखंडों को अल्प अवधि के लिए किराए पर देने की नई व्यवस्था लागू कर दी है। प्राधिकरण द्वारा शुक्रवार को इस संबंध में आधिकारिक दरें और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए, जिससे अब शहरवासी और संस्थाएं जेडीए की खाली जमीनों का सुव्यवस्थित उपयोग कर सकेंगी। सार्वजनिक संपत्तियों का होगा बेहतर सदुपयोग— इस पहल का मुख्य उद्देश्य शहर में सामाजिक, सांस्कृतिक और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए उपयुक्त स्थान उपलब्ध कराना है। अक्सर शहर में बड़े आयोजनों के लिए खाली जमीन की तलाश एक बड़ी चुनौती होती है, वहीं जेडीए की कई प्राइम लोकेशन वाली संपत्तियां खाली पड़ी रहती थीं। नई नीति से न केवल सार्वजनिक परिसंपत्तियों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा, बल्कि जेडीए के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी। व्यवसायिक गतिविधियों के लिए खुलेंगे नए द्वार— जेडीए द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, ...

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Vidhan Sabha News: सभापति संदीप शर्मा के घंटी बजाने पर सदन में गतिरोध

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Vidhan Sabha News: सभापति संदीप शर्मा के घंटी बजाने पर सदन में गतिरोध छोटा अखबार। राजस्थान विधानसभा में गुरुवार, 5 मार्च 2026 को भारी हंगामे और तीखी नोकझोंक के बीच 'राजस्थान दुकान एवं वाणिज्यिक अधिष्ठान (संशोधन) विधेयक-2026' ध्वनि मत से पारित कर दिया गया। सदन की कार्यवाही के दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जबरदस्त टकराव देखने को मिला, जिसके चलते सदन को आधे घंटे के लिए स्थगित करना पड़ा।  हंगामे की मुख्य वजह: सभापति और डोटासरा के बीच बहस—  विवाद उस समय शुरू हुआ जब कांग्रेस विधायक हरिमोहन शर्मा इस विधेयक पर अपनी बात रख रहे थे। चर्चा के दौरान आसन पर बैठे सभापति संदीप शर्मा ने समय सीमा का ध्यान दिलाने के लिए घंटी बजाई। इस पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कड़ी आपत्ति जताई। डोटासरा का तर्क था कि विधेयक पर चर्चा के दौरान किसी सदस्य को घंटी बजाकर टोकना संसदीय परंपराओं के खिलाफ है।  सभापति ने स्पष्ट किया कि उन्होंने केवल समय के प्रति सचेत किया था, लेकिन बहस जल्द ही व्यक्तिगत टिप्पणियों में बदल गई। सभापति शर्मा ने कहा कि सदन में आसन का सम्मान सर्वोपरि है और डोटासरा ...

Rajasthan News: 27 अप्रैल को लगेगी संभाग स्तरीय 'पेंशन अदालत', पेंशनर्स 25 मार्च तक कर सकेंगे आवेदन

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Rajasthan News: 27 अप्रैल को लगेगी संभाग स्तरीय 'पेंशन अदालत', पेंशनर्स 25 मार्च तक कर सकेंगे आवेदन छोटा अखबार। राजस्थान के पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य के पेंशन विभाग ने उनकी पेंशन संबंधी समस्याओं और शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए संभाग स्तर पर पेंशन अदालत आयोजित करने का निर्णय लिया है। पेंशन व पेंशनर्स कल्याण निदेशालय के अनुसार, यह अदालत 27 अप्रैल 2026 को आयोजित की जाएगी। निदेशक महेन्द्र सिंह भूकर ने बताया कि पेंशनभोगियों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए अब वर्ष में चार बार इन अदालतों का आयोजन किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य पेंशनर्स को अदालतों या सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने से बचाना और एक ही छत के नीचे उनकी समस्याओं का निस्तारण करना है। आवेदन की महत्वपूर्ण जानकारी:— आवेदन की अंतिम तिथि: समस्या निवारण हेतु पेंशनर अपने आवेदन आवश्यक दस्तावेजों के साथ 25 मार्च 2026 तक जमा करा सकते हैं। यहाँ जमा करें आवेदन: पेंशनर अपने आवेदन पत्र पेंशन विभाग, शिक्षा विभाग के क्षेत्रीय कार्यालयों या संबंधित जिला कोषालयों में व्यक्तिगत रूप से या डाक के माध्यम स...

Rajasthan News: सरकार ने आमजन को राहत देने के लिये 11 कानूनों में किया संशोधन

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Rajasthan News: सरकार ने आमजन को राहत देने के लिये 11 कानूनों में किया संशोधन    छोटा अखबार। राज्य विधानसभा द्वारा पारित एक महत्वपूर्ण विधेयक के माध्यम से राजस्थान वन अधिनियम 1953 से लेकर जयपुर जलप्रदाय और मलवहन बोर्ड अधिनियम 2018 तक, कुल 11 पुराने कानूनों में बड़े संशोधन किए गए हैं। इस कदम का मुख्य उद्देश्य 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को बढ़ावा देना और छोटी गलतियों के लिए जेल जाने के डर को खत्म करना है। लाइसेंस के बिना भंडारण: अब जेल नहीं, भारी जुर्माना—  इस विधेयक के सबसे महत्वपूर्ण बदलावों में से एक राजस्थान भाण्डागार अधिनियम 1958 में किया गया संशोधन है। पुराने नियम के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति बिना वैध लाइसेंस के भंडारण (Warehousing) करता पाया जाता था, तो उसे एक साल तक की जेल या 1,000 रुपये का मामूली जुर्माना, या दोनों भुगतने पड़ते थे। बदले हुए नियमों के तहत, सरकार ने कारावास के प्रावधान को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। अब व्यापारियों को जेल नहीं जाना होगा, लेकिन उनकी जेब पर बोझ बढ़ाया गया है। अब बिना लाइसेंस भंडारण पर शास्ति (Penalty) की राशि को 1,000 रुपये से बढ़ाकर सीधे 50,000...

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SMS NEWS: स्टॉक में दवा, फिर भी बुजुर्गों को ‘कल आना’ का थप्पड़

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SMS NEWS: स्टॉक में दवा, फिर भी बुजुर्गों को ‘कल आना’ का थप्पड़ छोटा अखबार। राजस्थान के सबसे बड़े सवाई मानसिंह अस्पताल के चरक भवन में इन दिनों मरीजों की जान से ज्यादा कागजी खानापूर्ति और कर्मचारियों की मनमानी हावी है। अस्पताल के दावों के उलट धरातल पर स्थिति यह है कि दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक होने के बावजूद मरीजों को ‘लोकल परचेज’ के नाम पर चक्कर कटवाए जा रहे हैं। सोमवार को एक चौंकाने वाला मामला सामने आया जहाँ एक 73 साल का बुजुर्ग घंटों लाइन में लगने के बाद सिस्टम की बेरुखी के कारण खाली हाथ घर लौटने को मजबूर हो गया। ओपीडी कम, फिर भी अव्यवस्था भारी— चरक भवन में सामान्य दिनों की तुलना में मरीजों की संख्या काफी कम रही। महज 600 मरीजों की ओपीडी दर्ज की गई, जो कि सामान्य औसत से बहुत कम है। कायदे से कम भीड़ के कारण व्यवस्थाएं चुस्त होनी चाहिए थी, लेकिन प्रशासन की ढिलाई के चलते मरीजों के लिए यह दिन भी भारी पड़ गया। काउंटर पर तैनात कर्मचारी काम में मुस्तैदी दिखाने के बजाय फोटोकॉपी और दस्तावेजों की कमियां निकालने में व्यस्त नजर आए। 73 साल के बुजुर्ग की बेबसी: 'कल आना'— सिस्टम की संवेदनहीनत...