Rajasthan News: जनसंपर्क विभाग की नकारात्मकता और लघु समाचार पत्रों का 'मौन' विद्रोह
Rajasthan News: जनसंपर्क विभाग की नकारात्मकता और लघु समाचार पत्रों का 'मौन' विद्रोह छोटा अखबार। राजस्थान के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (DIPR) के गलियारों में इन दिनों विरोधाभास की स्थिति बनी हुई है। एक ओर जहाँ केंद्र और राज्य के उच्चाधिकारी सूचनाओं के सरल और भावनात्मक संप्रेषण की वकालत कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विभाग और प्रदेश के लघु व मध्यम समाचार पत्रों के बीच बढ़ती दूरियों ने सरकार की छवि को संकट में डाल दिया है। कथनी और करनी में अंतर- 23 जनवरी 2026 को केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव संजय जाजू ने स्पष्ट कहा था कि सरकारी सूचनाएं विश्वसनीयता और भावनात्मक अपील के साथ आमजन तक पहुंचनी चाहिए। इसी क्रम में राजस्थान के सूचना एवं जनसंपर्क शासन सचिव संदेश नायक ने भी कार्यशाला में प्रभावी कार्ययोजना बनाने की बात दोहराई। लेकिन धरातल पर स्थिति इसके उलट है। विभाग के अधिकारियों का पत्रकारों के प्रति रवैया कथित तौर पर सहयोगात्मक होने के बजाय नकारात्मक और प्रताड़नापूर्ण बना हुआ है। अघोषित रोक: मुख्यमंत्री की खबरों का बहिष्कार- विभाग के इसी नकारात्मक नजरिये और पत्रकारों के प्रति संव...