JLF 2026: तीसरे दिन साहित्य पर भारी पड़ा कुप्रबंधन
JLF 2026: तीसरे दिन साहित्य पर भारी पड़ा कुप्रबंधन छोटा अखबार। जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के तीसरे दिन शनिवार को होटल क्लार्क्स आमेर और जवाहर लाल नेहरू (JLN) मार्ग पर जो मंजर दिखा, उसने प्रशासन के 'स्मार्ट सिटी' के दावों और आयोजकों की 'विश्व स्तरीय' व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। प्रशासन की लाचारी: एम्बुलेंस फंसी, जनता त्रस्त — शहर के मुख्य मार्ग JLN मार्ग पर फेस्टिवल, आर्मी डे परेड और वीवीआईपी मूवमेंट के चलते घंटों लंबा जाम लगा रहा। पूर्व मुख्यमंत्री ने भी सोशल मीडिया पर प्रशासन को घेरते हुए कहा कि जयपुर की जनता 'ट्रैफिक के नरक' में फंसी है। सबसे शर्मनाक स्थिति तब रही जब गंभीर मरीजों को ले जा रही एम्बुलेंस अस्पताल के पास ही घंटों जाम में रेंगती नजर आईं। प्रशासन का 'ट्रैफिक प्लान' केवल वीवीआईपी गाड़ियों को रास्ता देने तक सीमित रहा। आयोजकों का 'मुनाफा तंत्र' और आम पाठकों की अनदेखी — आयोजकों पर आरोप है कि उन्होंने क्षमता से अधिक रजिस्ट्रेशन और पास जारी कर दिए, जिसके कारण होटल परिसर में पैर रखने तक की जगह नहीं बची। सुरक्षाकर्मियों ने 'भीड़ नियंत्र...