राज्य सरकार ने जारी किए पात्र परिवारों को 310 करोड़ रूपये 

राज्य सरकार ने जारी किए पात्र परिवारों को 310 करोड़ रूपये 


छोटा अखबार।
प्रदेश में जारी लॉकडाउन के दौरान रोजी-रोटी से वंचित गरीब तबके के लोगों को तात्कालिक सहायता के तौर पर एक-एक हज़ार रूपये देने की मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की घोषणा को अमली जामा पहनाते हुए राज्य सरकार ने प्रदेश के ज़रूरतमंद परिवारों के खातों में प्रति परिवार एक-एक हज़ार रूपये जमा करवाने के लिए एकमुश्त 310 करोड़ रूपये की राशि उपलब्ध करा दी है।



लोगों के हाथ में नकदी पहुंचने से वे अब अपनी रोज़मर्रा की ज़रूरतों को पूरा कर सकेंगे। जिन परिवारों को एक बारीय सहायता के तौर पर यह राशि दी जा रही है उनमें बीपीएल, स्टेट बीपीएल एवं अन्त्योदय योजना के अन्तर्गत आने वाले ऎसे परिवार शामिल हैं जिनमेें किसी भी सदस्य को सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। इसके अलावा पंजीकृत निर्माण श्रमिकों, स्ट्रीट वेन्डर्स, अन्य श्रमिक, रिक्शा चालक एवं निराश्रित व असहाय ज़रूरतमंद परिवारों जो कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में कवर नहीं हो रहे हैं उन्हें यह अनुग्रह राशि दी जाएगी। यदि किसी असहाय या निराश्रित परिवार का बैंक अकांउट नहीं होगा तो ऎसी स्थिति में उन्हें जिला कलेक्टर द्वारा नकद भुगतान किया जा सकेगा।



राज्य सरकार ने कलेक्टर्स को अतिरिक्त राशि जारी की है। जयपुर कलेक्टर को एक करोड़ रूपये, अन्य संभागीय मुख्यालयों के कलेक्टरों को 75-75 लाख रूपये जबकि शेष जिलों को 50-50 लाख रूपये की राशि जारी की गई है। 
पात्र परिवारों का चयन जन आधार डाटा बेस के आधार पर किया गया है। चयनित परिवारों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से एक-एक हज़ार रूपये जमा होंगे और इसकी सूचना उनके मोबाइल पर एसएमएस के माध्यम से दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री गहलोत ने इस सम्बन्ध में घोषणा 23 मार्च को की थी।


Comments

Popular posts from this blog

देश में 10वीं बोर्ड खत्म, अब बोर्ड केवल 12वीं क्‍लास में

आज शाम 7 बजे व्यापारी करेंगे थाली और घंटी बजाकर सरकार का विरोध

रीको में 238 पदों की होगी सीधी भर्ती सरकार के आदेश जारी 

मौलिक अधिकार नहीं है प्रमोशन में आरक्षण — सुप्रीम कोर्ट

10वीं और 12वीं की छात्राओं के लिऐ खुशखबरी, अब नहीं लगेगी फीस

ग्राम पंचायत स्तर पर युवाओं को मिलेगा रोजगार

फ़ार्मा कंपनियां डॉक्टरों को रिश्वत में लड़कियां उपलब्ध कराती हैं — प्रधानसेवक