राज्य में कोरोना से बचाव के लिए सर्वदलीय एवं सर्वसमाज की बैठक

राज्य में कोरोना से बचाव के लिए सर्वदलीय एवं सर्वसमाज की बैठक


छोटा अखबार।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सभी धर्मगुरूओं, विभिन्न समुदाय एवं समाजों के प्रतिनिधियों तथा सभी विपक्षी दलों के नेताओं से प्रदेश में कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने में राज्य सरकार का सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से इस महामारी के संक्रमण को सीमित कर लोगों का जीवन बचाया जा सकता है। फिलहाल प्रदेश में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन अगले 2-3 सप्ताह तक लोगों को भीड़भाड से दूर रखना बेहद जरूरी है। 
गहलोत ने मंगलवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में विपक्षी दलों के नेताओं और धर्मगुरूओं तथा विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकों में कहा कि यदि प्रदेश की जनता अगले 15-20 दिन तक सामाजिक व्यवहार कम रखेगी और भीड़ वाले स्थानों पर जाने से बचेगी तो हम इस बीमारी से जीत जाएंगे। किसी धार्मिक स्थल पर ताला नहीं लगे, लेकिन धर्मगुरू और समाजों के पदाधिकारी ऎसा माहौल बनाएं कि श्रद्धालु स्वयं धर्मस्थलों पर नहीं आएं। 



धर्मगुरूओं ने जारी की संयुक्त अपील।


मुख्यमंत्री के अनुरोध पर विभिन्न सम्प्रदायों के धर्म गुरूओं और प्रतिनिधियों ने एक संयुक्त अपील जारी की, जिसमें प्रदेश को कोरोना महामारी से बचाने के लिए 31 मार्च तक धार्मिक स्थलों पर एकत्र न होने और यथासम्भव अपने घर पर ही ईश्वर की प्रार्थना करने का संदेश दिया गया है। अपील में कहा गया है कि देश के कई धार्मिक स्थलों पर संबंधित ट्रस्टों ने पहल करके श्रद्धालुओं के धर्म स्थल पर आने पर पाबंदी लगा दी है। आमजन की सुरक्षा को देखते हुए यह कदम उठाए गए हैं।
वहीं धर्मगुरूओं ने भी मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार और चिकित्सकों द्वारा कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की। उन्होंने बताया कि विभिन्न धर्मस्थलों पर स्वप्रेरणा से इस संक्रमण से बचाव के लिए कदम उठाए गए हैं। आगे भी सरकार जो भी एडवाइजरी तथा दिशा-निर्देश जारी करेगी, उनकी पालना सुनिश्चित की जाएगी।



सभी राजनीतिक दल करें सरकार का सहयोग।


मुख्यमंत्री ने राजनीतिक दलों के साथ हुई सर्वदलीय बैठक में कहा कि कोरोना बीमारी पूरे प्रदेश के लिए चिंता का विषय है। ऎसे में सभी राजनीतिक दलों का इस आपदा से निपटने में सहयोग बहुत जरूरी है। सभी दल अपने-अपने संगठन के माध्यम से गांव-ढाणी तक इस बीमारी को लेकर जागरूकता फैलाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। बैठक में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना करते हुए कहा कि हम सरकार के प्रयासों में हर कदम पर साथ हैं। पूर्व चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सराफ ने एसएमएस मेडिकल कॉलेज द्वारा इस बीमारी के लिए ईजाद की गई दवा एवं अन्य प्रयासों के लिए चिकित्सकों की सराहना की। सीपीएम के विधायक बलवान पूनिया, सीपीएम के ही डॉ. संजय माधव, सीपीआई के डीके छंगाणी, श्रीमती सुमित्रा चौपड़ा, आम आदमी पार्टी के रामपाल जाट, भाकपा के नरेन्द्र आचार्य सहित अन्य नेताओं ने राज्य सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी को जनता तक पहुंचाने में पूर्ण सहयोग करने की बात कही।


 


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