Rajasthan News: 1800 से अधिक चिकित्सा केंद्रों का औचक निरीक्षण, बेहतर सुविधाओं के लिए सरकार सख्त
Rajasthan News: 1800 से अधिक चिकित्सा केंद्रों का औचक निरीक्षण, बेहतर सुविधाओं के लिए सरकार सख्त
छोटा अखबार।
राजस्थान सरकार प्रदेश के पशुपालकों की खुशहाली और पशुधन के संरक्षण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। पशुपालन, गोपालन एवं डेयरी मंत्री जोराराम कुमावत के मार्गदर्शन में राज्य में पशु चिकित्सा सेवाओं को आधुनिक और प्रभावी बनाने की मुहिम तेज कर दी गई है। इसी क्रम में, शासन सचिव (पशुपालन) डॉ. समित शर्मा के निर्देशों पर प्रदेश भर के पशु चिकित्सा संस्थानों का एक व्यापक और गहन निरीक्षण अभियान चलाया गया, जिसने विभाग की कार्यप्रणाली को नई गति प्रदान की है।
सेक्स सॉर्टेड सीमन योजना पर विशेष ध्यान—
मंत्री जोराराम कुमावत प्रदेश में सेक्स सॉर्टेड सीमन (Sex Sorted Semen) तकनीक के माध्यम से कृत्रिम गर्भाधान को बढ़ावा देने के लिए अत्यंत गंभीर हैं। इस तकनीक का मुख्य उद्देश्य पशुपालकों की आय में वृद्धि करना और उन्नत नस्ल की बछड़ियों की संख्या बढ़ाना है। हालिया निरीक्षण का मुख्य केंद्र यह आकलन करना था कि धरातल पर इस योजना का क्रियान्वयन कितनी प्रभावी ढंग से हो रहा है।
एक दिन में 1804 संस्थानों का निरीक्षण—
शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने बताया कि इस अभियान के तहत प्रदेश के 41 जिलों में कुल 1804 पशु चिकित्सा संस्थानों की औचक जांच की गई। विभाग के उच्चाधिकारियों द्वारा किए गए इस निरीक्षण के परिणाम उत्साहजनक रहे:
उपलब्धता: निरीक्षण के दौरान 99% से अधिक संस्थान खुले पाए गए, जबकि केवल 16 संस्थान बंद मिले।
सेवा गुणवत्ता: 98% से अधिक केंद्रों पर स्वास्थ्य सेवाएं 'बहुत अच्छी' या 'संतोषजनक' श्रेणी में पाई गईं।
मानक: केवल 23 संस्थानों में व्यवस्थाएं असंतोषजनक मिलीं, जिनके खिलाफ सख्त सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।
जमीनी हकीकत का आकलन—
अधिकारियों ने केवल हाजिरी ही नहीं जांची, बल्कि अस्पतालों में साफ-सफाई, मानव संसाधन की उपलब्धता, जांच सुविधाओं, दवाओं के स्टॉक और उपचार की गुणवत्ता का भी बारीकी से विश्लेषण किया। डॉ. शर्मा के अनुसार, इन निरीक्षणों से प्राप्त रिपोर्ट का गहन डेटा विश्लेषण किया जाएगा। जहाँ कमियां पाई गई हैं, वहां जवाबदेही तय की जाएगी और जहां व्यवस्थाएं बेहतर हैं, उन्हें मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा।
पशुपालकों के लिए नई उम्मीद—
राज्य सरकार का लक्ष्य पशुपालन सेवाओं को इतना सुदृढ़ करना है कि पशुपालकों को अपने द्वार पर ही गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सहायता मिल सके। सेक्स सॉर्टेड सीमन जैसी योजनाओं की सफलता से न केवल दुग्ध उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि आवारा पशुओं की समस्या के समाधान में भी मदद मिलेगी। पशुपालन विभाग की यह सक्रियता दर्शाती है कि राजस्थान सरकार केवल कागजों पर योजनाएं नहीं बना रही, बल्कि उनकी वास्तविक स्थिति (Ground Reality) को सुधारने के लिए संकल्पित है। आने वाले दिनों में इन निरीक्षणों के आधार पर राज्य की पशु चिकित्सा सेवाओं में और अधिक क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

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