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Showing posts from April, 2020

पीएम के साथ मुख्यमंत्रियों की वीसी में निर्णय, देश में जारी रहेगा लॉकडाउन

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पीएम के साथ मुख्यमंत्रियों की वीसी में निर्णय, देश में जारी रहेगा लॉकडाउन छोटा अखबार। महामारी के हालातों पर मुख्यमंत्रियों के साथ हुई चर्चानुसार लॉकडाउन पर अंतिम निर्णय इस सप्ताह के अंत तक लिया जायेगा। प्रधानमंत्री के साथ हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मुख्यमंत्रियों ने अपनी बात रखने वाले नौ मुख्यमंत्रियों में से पांच ने तीन मई के बाद भी लॉकडाउन को बढ़ाने का समर्थन किया। प्रधानमंत्री की मुख्यमंत्रियों के साथ हुई तीन घंटे की वीसी बैठक में मिले संकेतों के अनुसार देश में ग्रीन जोन के कुछ जिलों में निजी वाहनों की आवाजाही की अनुमति दी जा सकती है। लेकिन रेलगाड़ियों और हवाई सेवाओं को शुरू करने की अभी कोई संभावना नहीं है। बैठक से जुड़े समाचार सूत्रों के अनुसार इस बात की संभावना है कि 15 मई के आस पास कुछ स्थानों पर रेल और हवाई सेवा बहाल की जा सकती है। लेकिन यह कोविड 19 महामारी की स्थिति पर निर्भर करेगा। सूत्रो का यह भी कहना है कि स्कूल, कॉलेज, शॉपिंग मॉल, धार्मिक स्थल और सार्वजनिक परिवहन पर रोक आगे भी जारी रहने की संभावना है। तीन मई के बाद भी सार्वजनिक और सामाजिक कार्यक्रम में लोगों के एकत्र

अहमदाबाद के बाद अब आगरा में वुहान जैसा संकट

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अहमदाबाद के बाद अब आगरा में वुहान जैसा संकट छोटा अखबार। मैं बहुत दुखी मन से आप को पत्र लिख रहा हूं कि मेरा आगरा अत्यधिक संकट के दौर से गुजर रहा है। आगरा को बचाने के लिए कड़े निर्णय लेने की आवश्यकता है। स्थिति अत्यधिक गंभीर हो चुकी है। इसलिए मैं आपसे हाथ जोड़कर प्रार्थना कर रहा हूं कि मेरे आगरा को बचा लीजिए, बचा लीजिये। आगरा, देश का वुहान बन सकता है। स्थानीय प्रशासन नाकारा साबित हुआ है। हॉट स्पाट एरिया में बनाए गए क्वारंटाइन सेंटरों में कई-कई दिनों तक जांच नहीं हो पा रही। न ही मरीजों के लिए भोजन पानी का उचित प्रबंध हो पा रहा। स्थिति विस्फोटक है। देश में कोविड 19 के कहर से घबरा कर पहले अहमदाबाद ने बचने के लिए गुहार की और अब विश्वविख्यात आगरा ने शहर में वुहान जैसी भयानक स्थिति की चेतावनी जारी करते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री को तुरंत कड़े कदम उठाने की गुहार की है। सोशल मीडिया और समाचार सूत्रों के अनुसार आगरा के महापौर नवीन जैन ने कोरोना की स्थिति और जिला प्रशासन की लचर कार्रवाई से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा को पत्र के माध्यम से 21 अपैल 2020 को जानकारी दी है

अहमदाबाद में 30 मई तक आठ लाख हो सकती है मरीजों की संख्या —आयुक्त

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अहमदाबाद में 30 मई तक आठ लाख हो सकती है मरीजों की संख्या —आयुक्त छोटा अखबार। केंद्र सरकार के आंकड़ो के अनुसार कोविड 19 महामारी के संक्रमण फैलने से पैदा हुई स्थिति अहमदाबाद, सूरत, हैदराबाद और चेन्नई सहित उभरते हॉटस्पॉट क्षेत्रों की हालत खराब है।  सरकार ने उपरोक्त शहरों  का जायजा लेने के लिए अंतर-मंत्रालयी टीमें भी भेजी हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय का यह आकलन ऐसे समय आया है, जब अहमदाबाद नगर निगम के आयुक्त विजय नेहरा ने अपने बयान में कहा कि यदि मामलों के दुगुनी होने की मौजूदा चार दिनों की अवधि वाली दर जारी रहती है, तो गुजरात के इस शहर में कोविड-19 के मरीजों की संख्या मई के अंत तक बढ़ कर आठ लाख हो सकती है। समाचार सूत्रों के अनुसार शनिवार तक अहमदाबाद शहर में 1,638 मामले सामने आए हैं जो गुजरात में सर्वाधिक है। राज्य में संक्रमण के 2,800 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार देश के बड़े हॉटस्पॉट जिलों में उभरते हॉटस्पॉट शहरों कि स्थिति विशेष रूप से गंभीर है। जिनमें अहमदाबाद, सूरत, ठाणे, हैदराबाद और चेन्नई शामिल है। 

देश में सभी तरह की दुकानें खोलने की छूट  

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देश में सभी तरह की दुकानें खोलने की छूट   छोटा अखबार। देश में जारी लॉकडाउन में केंद्र सरकार ने ढील देते हुए पंजीकृत दुकानें खोलने का एलान किया है। नगर निगम और नगर पालिका सहित किसी भी क्षेत्र में स्थित मल्टी, सिंगल ब्रांड के शोरूम, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और मार्केट कॉम्प्लेक्स नहीं खुल सकेंगे। सरकार द्वारा पंजीकृत दुकानें जो आवासीय कॉलोनियों के पास और बाजार में स्थित दुकानें ही खुलेगी। गृहमंत्रालय के आदेशानुसार दुकानों पर 50 फीसदी कर्मचारी ही काम करेंगे। सामाजिक दूरी और सैनिटाइजेशन के नियमों का पालन करते हुए मास्क लगाना जरूरी होगा। वहीं सरकार के आदेशानुसार कोविड 19 से प्रभावित क्षेत्र जिन्हें हॉटस्पॉट के रूप में चिन्हित किया है कि जो कंटेनमेंट जोन हैं, वहां किसी प्रकार की राहत प्रदान नहीं की गई है। पहले भी सरकार ने एक एडवाइजरी जारी कर लोगों को राहत देते हुए राशन, दूध, सब्जी, फल और जरूरी सामान की दुकानों को खोलने के आदेश जारी किए थे। अब देश में शर्तानुसार शहरी सीमा से बाहर सभी तरह की दुकानें खोलने की अनुमति प्रदान की गई है। 

देश में आररक्षण के लिए सूची फिर से बने —सुप्रीम कोर्ट 

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देश में आररक्षण के लिए सूची फिर से बने —सुप्रीम कोर्ट  छोटा अखबार। ऐसा नहीं है आरक्षण पाने वाले वर्ग की जो सूची बनी है वह पवित्र है और उसे छेड़ा नहीं जा सकता। आरक्षण का सिद्धांत ही जरूरतमंदों को लाभ पहुंचाना है। संविधान पीठ ने अपने एक आदेश में कहा कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़ा वर्ग के भीतर ही आपस में संघर्ष है कि पात्रता के लिए योग्यता क्या होनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने कहा है कि आरक्षण का लाभ उन महानुभावों के वारिसों को नहीं मिलना चाहिए जो 70 वर्षों से आरक्षण का लाभ उठाकर धनाढ्य की श्रेणी में आ चुके हैं। 70 वर्षों से अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के जरूरतमंद लोगों को आरक्षण का लाभ सही मायने में नहीं पहुंच रहा है। कोर्ट ने कहा कि सरकार को अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजातियों की सूची फिर से बनानी चाहिए। जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस इंदिरा बनर्जी, जस्टिस विनीत शरण, जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस अनिरुद्ध बोस की पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने कहा कि सरकार का दायित्व है कि सूची में बदलाव करे जैसा कि इंद्रा साहनी मामले में नौ सदस्यीय पीठ ने कहा था।

राज्यपाल की भाव-भंगिमा असंसदीय है —ममता बनर्जी

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राज्यपाल की भाव-भंगिमा असंसदीय है —ममता बनर्जी छोटा अखबार। आपके शब्दों का चयन और आपकी भाव-भंगिमा असंसदीय है। आप शुरू से ही मेरी सलाह की अनदेखी करते रहे हैं।लेकिन सरकार के कामकाज में हस्तेक्षप क्यों कर रहे हैं। इसलिए मैं मजबूर होकर यह पत्र सार्वजनिक कर रही हूं। उन्होने राज्यपाल पर संवैधानिक धर्म का उल्लंघन करने का भी आरोप लगाया है। राज्यपाल को आत्ममंथन करना चाहिए। एक तरफ पुरा देश कोविड 19 महामारी से लड़ रहा है, तो वहीं दूसरी ओर पश्चिम बंगाल में राज्यपाल और राज्य सरकार के बीच महामारी को लेकर घमासान जारी है। राज्यपाल लगातार ट्वीट के माध्यम से मुख्यमंत्री, मंत्रियों और अधिकारियों पर हमले कर रहे थे। राज्यपाल पर हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने सात पेज का पत्र लिख डाला। कई दिनो से राज्यपाल द्वारा लगातार जारी हमले का सत्तारुढ़ तृणमूल कांग्रेस ने जवाब नहीं दिया लेकिन गुरूवार को सरकार के धैर्य ने जवाब दे दिया।   मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्यपाल को लिखे पत्र में कहा कि आप जिस राज्य के राज्यपाल हैं उसी सरकार पर और उसके मंत्रियों,अधिकारियों पर लगातार हमला करनना असंवैधानिक है और आपको यह भी नही

आज से शुरू होंगी 400 मोबाइल ओपीडी वैन —मुख्यमंत्री

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आज से शुरू होंगी 400 मोबाइल ओपीडी वैन —मुख्यमंत्री छोटा अखबार। 9 हजार एएनएम एवं जीएनएम के पदों पर नियुक्ति जल्द। लॉकडाउन उल्लंघन पर अब तक 7738 गिरफ्तार। 288 राशन डीलरों के लाइसेंस निलंबित। आम मरीजों के लिए बुधवार से शुरू होंगी 400 मोबाइल ओपीडी वैन —मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण आम रोगियों को परेशानी का सामना नहीं करना पडे़, इसके लिए प्रदेशभर में बुधवार से 400 ओपीडी मोबाइल वैन संचालित की जाएंगी। ये मोबाइल वैन उपखण्ड मुख्यालयों के साथ ही अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर उपलब्ध होंगी और गांव-कस्बे तक पहुंचकर मरीजों को सामान्य बीमारियों का उपचार उपलब्ध करवाएंगी। किसी को गंभीर बीमारी होने की जानकारी मिलती है तो इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी जाएगी, ताकि रोगी को तुरंत इलाज मिल सके। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दे दिए गए हैं।  9 हजार एएनएम एवं जीएनएम के पदों पर नियुक्ति जल्द। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना की जंग लंबे समय तक जारी रह सकती है। ऎसे में राज्य सरकार संसाधनों में किसी तरह की कमी नहीं आने देगी। उन्होंने कहा कि

लॉकडाउन की पालना में पुलिस की बर्बरता से किसान की मौत

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लॉकडाउन की पालना में पुलिस की बर्बरता से किसान की मौत छोटा अखबार। लॉकडाउन का पालन हो लेकिन एक किसान जब अपनी भूखी प्यासी गाय को चारा पानी देकर घर लौट रहा हो, तब कारण जाने बिना उसकी बेरहमी से पिटाई, दरिंदगी एवं बर्बरता है। सरकार में एक तरफ़ तो अपराधी भाग रहे हैं, संभल नहीं रहे हैं। दूसरी तरफ आमजन पिटाई व दमन का शिकार हो रहे हैं और मारे जा रहे हैं। मध्य प्रदेश में कोविड 19 महामारी में जारी लॉकडाउन की पालना में पुलिस द्वारा एक किसान की बेरेहमी से टिाई के कारण मौत हो गई। मध्य प्रदेश में कोविड 19 महामारी में जारी लॉकडाउन की पालना में पुलिस द्वारा एक किसान की बेरेहमी से टिाई के कारण मौत हो गई।समाचार सूत्रों के अनुसार मामला 16 अप्रैल 2020 का एमपी के जबलपुर का है। 50 साल के किसान बंशी कुशवाह अपने खेत पर गायों को चारा पानी खिलाकर वापस घर लौट रहा था तब पुलिस ने बिना कारण जाने किसान की बेरेहमी से धुनाई कर दी जिससे वह वहीं बेहोश हो गया। किसान को इलाज के लिये 19 अप्रैल को एक निजी में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान सोमवार, 20 अप्रैल 2020 को किसान ने दम तौड़ दिया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डाॅ

विधायक धर्म की पालना की मंत्री रघु शर्मा ने

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विधायक धर्म की पालना की मंत्री रघु शर्मा ने छोटा अखबार। राज्य के चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने अजमेर जिले में कोरोना योद्धाओं के लिए अपने निजी फंड से मदद कर विधायक धर्म की पालना की है।  राज्य में पहला मामला संज्ञान में आया है कि जब किसी विधायक ने अपने निजी आर्थिक सहयोग से कोविड 19 महामारी में कोरोना योद्धाओं और जनता की मदद की हो। जबकि राज्य में अन्य विधायकों ने विधायक ​कोष को खाली कर दिया जो कि जनता ने अपने क्षेत्र के  ​विकास के लिये टैक्स के रूप में सरकार के पास रख रखा था। सरकारी सूत्रों के अनुसार सोमवार को चिकित्सा मंत्री ने अजमेर जिला कलक्टर विश्व मोहन शर्मा से जिले में कोरोना महामारी से बचाव के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी लेते हुए  निर्देश दिए कि प्रयासों में और तेजी लाएं। इसी क्रम में मंत्री ने अपने व्यक्तिगत पैसों से अजमेर जिले की जनता के लिए 22 हजार मास्क, 2 हजार से ज्यादा सैनेटाईजर, 30 लीटर वाले सैनेटाइजर के 5 बड़े केन, 7 हजार जोडे़ ग्लब्स, 600 मेडिकेटेड साबुन, हैंडवॉश और पुलिस के लिए 100 फेस शील्ड भेजी।   चिकित्सा मंत्री ने अजमेर जिले के लोगों को मदद पहुंचाते हु

आखिर किससे करें गुहार, अब तो सुनो सरकार

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आखिर किससे करें गुहार, अब तो सुनो सरकार छोटा अखबार। मामला दौसा जिले के बांदीकुई का है जिसमें एक प्रवर्तन निरीक्षक पर ग्रामीणों के द्वारा न सिर्फ उपखंड अधिकारी बल्कि मंत्री स्तर के आदेशों की धज्जियां उड़ाने के आरोप लग रहे हैं। जिसमें सामने आ रहा है कि यह अधिकारी किस तरह से उच्चाधिकारियों को गुमराह करते हुए गरीबों को भूखा मरने को मजबूर कर रहा है। कोरोना से निपटने के प्रयासों के साथ ही जिला प्रशासन द्वारा इसी कड़ी में कोई भी व्यक्ति भूखा न सोए, इसके भी प्रयास किए जा रहे हैं। लेकिन कुछ लापरवाह अधिकारियों की राशन डीलर्स के साथ मिलीभगत और मनमानी के कारण गरीबो को मिलने वाले राशन के गेहूं की बंदरबांट हो रही है। पिछले दिनों धनावड ग्राम पंचायत के राशन डीलर रंगलाल मीणा द्वारा गेहूं लेने आए व्यक्ति के साथ मारपीट करने का मामला सामने आया था जिस पर कार्रवाई करते हुए उपखंड अधिकारी पिंकी मीणा ने प्रवर्तन निरीक्षक मनमोहन शर्मा को जांच करने भेजा तो इस लापरवाह अधिकारी ने बिना पूरे तथ्यों की जांच किए उपखंड अधिकारी तक को गलत रिपोर्ट इस तरह की पेश कर दी कि जिस व्यक्ति के साथ मारपीट हुई है वह किसी अन्य र

आज शाम 7 बजे व्यापारी करेंगे थाली और घंटी बजाकर सरकार का विरोध

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आज शाम 7 बजे व्यापारी करेंगे थाली और घंटी बजाकर सरकार का विरोध छोटा अखबार। राष्ट्र के सभी ट्रेड एसोसिएशन एवं व्यापार मंडल के परिसंघ, फेडरेशन ऑफ़ ऑल इंडिया व्यापार मंडलों का कहना है कि विदेशी स्वामित्व वाले ई-कॉमर्स कंपनियों को अगले कुछ महीने तक किसी भी प्रकार के कारोबार की अनुमति प्रदान नहीं की जाए। साथ ही ग्रीन जोन में काम करने वाले खुदरा दुकानदारों को बिक्री की अनुमति मिले। देश में लॉकडाउन के दूसरे चरण में गैर जरूरी उत्पादों की बिक्री में ई-कॉमर्स कंपनियों को छूट से देश के खुदरा व्यापारी ने नाराजगी व्यक्त की है। व्यापारियों ने आज 19 अप्रैल 2020 को शाम सात बजे सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखते हुए थाली बजाकर सरकार का विरोध करने का फैसला किया है।  लॉकडाउन में ई-कॉमर्स कंपनियों को ऑनलाइन सामान बिक्री की छूट दिए जाने का विरोध तेज होता जा रहा है। इससे नाराज खुदरा दुकानदारों का कहना है कि आगामी 20 अप्रैल से ऑनलाइन गैर आवश्यक वस्तुओं की बिक्री को छूट दिया जाना किसी भी प्रकार से सही नहीं है। ये खुदरा व्यापार को खत्म करने की एक साजिश है। इस कारण दुकानदारों ने इस फैसले का शांतिपूर्वक विरो

लॉकडाउन में आर्थिक तंगी और बेरोजगारी से पहली मौत

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लॉकडाउन में आर्थिक तंगी और बेरोजगारी से पहली मौत छोटा अखबार। देश में कोविड 19 महामारी से उपजे लॉकडाउन में गुड़गांव के एक पेंटर ने आर्थिक तंगी और बेरोजगारी के चलते फंदा लगाकर अपना जीवन समाप्त कर लिया है। देश में शायद ये पहला मामला है जो लौकडाउन के बीच आर्थिक तंगी और बेरोजगारी से मौत हुई है। समाचार सूत्रों के अनुसार मृतक की पहचान 30 वर्षीय मुकेश कुमार के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि मुकेश ने गुरुवार को ढाई हजार रुपये में अपना मोबाइल बेचकर राशन और पंखा खरीदा था।  वहीं दूसरी ओर पुलिस इस घटना को महज आत्महत्या बता रही है। मूलरूप से बिहार के बारां गांव निवासी मुकेश कुमार पेंटर का काम करता था। वह पिछले 8-10 साल से गुड़गांव में अपनी पत्नी पूनम व चार बच्चों के साथ सरस्वती कुंज स्थित झुग्गी में रह रहा था। मुकेश की पत्नी पूनम का कहना है कि पिछले 4-5 महीने से वे बेरोजगार थे। परिवार चलाने के लिए दिहाड़ी मजदूरी का काम करता थे। इस कारण हम पर काफी कर्जा भी हो गया था। लॉकडाउन के बाद वह घर पर ही थे। काम न होने के कारण उनके पास पैसे भी नहीं थे। उन्हें उम्मीद थी कि 14 अप्रैल को लॉकडाउन खुल जाएगा,

सरकार विषम आर्थिक हालातों का सामना कर रही हैं —मुख्यमंत्री

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सरकार विषम आर्थिक हालातों का सामना कर रही हैं —मुख्यमंत्री छोटा अखबार। खुद सरकारें भी विषम आर्थिक हालातों का सामना कर रही हैं। राज्य सरकार स्वयं के लिए केंद्र सरकार से पैकेज मांग रही है। पूरी अर्थव्यवस्था चौपट हो गई है, इससे निपटने के लिए सभी को कुछ त्याग करना पडे़गा। देश-प्रदेश और परिवारों को खर्चों में कटौती करनी पडे़गी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मीडियाकर्मियों के साथ कोरोना की स्थिति को लेकर वार्ता कर रहे थे। वार्ताा में गहलोत ने कहा कि 10 हजार टेस्ट किट प्राप्त होते ही जांच शुरू कर दी गई है। पचास हजार किट शुक्रवार रात तक मिलने हैं और 2 लाख किट तीन दिन में पहुंच जाएंगी। रेपिड टेस्ट कन्फरमेटरी टेस्ट नहीं है, इसलिए पीसीआर टेस्ट की व्यवस्था पूर्व की भांति जारी रहेगी। इसमें किसी तरह की कमी नहीं की जाएगी। रेपिड एंटी बॉडी टेस्ट के माध्यम से कोरोना की जांच शुरू हो गई है। रेपिड टेस्ट करने वाला राजस्थान देश का पहला राज्य है। कहा कि पहले दिन 60 जांच की गई, जो सभी नेगेटिव पाई गईं। प्लाजमा ट्रीटमेंट की रिसर्च में एसएमएस भी शा

20 अप्रैल से कार में सिर्फ दो लोगों को बैठने की इजाजत होगीं —गृह मंत्रालय

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20 अप्रैल से कार में सिर्फ दो लोगों को बैठने की इजाजत होगीं —गृह मंत्रालय छोटा अखबार। देश में केन्द्र सरकार ने लॉकडाउन 3 मई तक के लिए बढ़ा दिया है। वहीं दुसारी ओर उसने 20 अप्रैल से नियमों में कुछ छूट देने का एलान भी किया है।गृह मंत्रालय की के अनुसार सिर्फ इंसान और पशुओं के इलाज के लिए निजी गाड़ियों को छूट मिलेगी। इसके अलावा जरूरी चीजों को खरीदने के लिए भी आप गाड़ी का उपयोग कर सकते हैं। वहीं कार में सिर्फ दो लोगों को बैठने की इजाजत होगीं। एक व्यक्ति आगे और दूसरा पीछे की सीट पर बैठ सकता है। स्कूटर और मोटरसाइकिल का उपयोग जरूरी चीजें खरीदने के लिए किया जा सकता है। शर्त यह है कि सिर्फ एक व्यक्ति को बैठने की इजाजत होगी। मतलब यह है कि पीछे की सीट पर किसी के बैठने की अनुमती नहीं होगी। टैक्सी, ऑटो रिक्शा और कैब सेवाओं को 3 मई तक अपनी सेवाएं बंद रखनी होगी। अगर आपकी कार खराब है तो 20 अप्रैल के बाद आप उसकी मरम्मत करा सकते हैं। गृह मंत्रालय ने नई एडवायजरी में मरम्मत के कार्यें की अनुमती दी गई है।